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देवांश मौत: स्वीमिंग कोच ने बच्चे को टैंक से निकालने से मना किया

Sat, 06 Feb 2016 03:40 AM IST
Updated Sat, 06 Feb 2016 03:40 AM IST
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 Dewansh Death: swimming coach refused to extract the child from the tank

वसंतकुज स्थित रेयान इंटरनेशनल स्कूल के छात्र देवांश की मौत के मामले में एसडीएम ने सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। एसडीएम वसंत विहार डॉ. सोनल स्वरूप ने रिपोर्ट में बच्चे की मौत में स्कूल प्रबंधन की लापरवाही का हवाला दिया है।

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जहां पहली कक्षा के बच्चे को जाने की मनाही थी, वहां कोई गार्ड नहीं था। वहीं, बच्चे के गिरने की सूचना के बाद पहुंची स्कूल की टीम ने आपात हालात से निपटने के प्रबंधन नहीं किए। हालांकि एक दिन पहले प्रिंसिपल व चार अन्य को गिरफ्तार करने के बाद रिपोर्ट आई है।

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एसडीएम ने जांच के दौरान कई खामियां पाई हैं। रिपोर्ट में साजिश की तरफ भी सूई घुमाई गई है। एसडीएम ने कहा है, इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि किसी ने जानबूझकर उसमें उतारा हो।

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स्वीमिंग कोच ने टैंक में घुटन की आशंका जताकर नहीं निकाला

 Dewansh Death: swimming coach refused to extract the child from the tank

बाकी पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से आगे की पूरी तस्वीर साफ हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार देवांश होनहार छात्र था। टेस्ट में पूरे नंबर और कॉपी पर गोल्ड स्टार मिलते थे। लेकिन स्कूल ने स्पेशल चाइल्ड बताकर बदनाम करने की कोशिश की।


इसके लिए एसडीएम ने स्कूल प्रिंसिपल के खिलाफ सिविल या क्रिमिनल कार्रवाई की सिफारिश की है। क्योंकि स्कूल प्रबंधन जानबूझकर मामले को दूसरा रूप देने की कोशिश कर रहा था।

रिपोर्ट के अनुसार देवांश के वाटरटैंक में गिरने होने की सूचना के बाद स्कूल की टीम वहां पहुंची तो किसी ने भी उसे टैंक से निकालने की कोशिश नहीं की। यहां तक कि स्कूल के स्वीमिंग कोच ने भी टैंक में घुटन की आशंका जताकर नहीं निकाला।

स्कूल टीम में साहस की कमी मिली

 Dewansh Death: swimming coach refused to extract the child from the tank

फिर स्कूल प्रबंधन ने 11वीं कक्षा के छात्र प्राज्वल सेहरावल को टैंक में उतारा और उसी ने देवांश को बाहर निकाला। इस दौरान काफी समय बीत गया था। इससे इनकार नहीं किया जा सकता कि देवांश को जल्द निकालने से कुछ सकारात्मक संभावना भी बन सकती थी।


रिपोर्ट में कहा गया है कि स्कूल टीम में साहस की कमी मिली। अपने कर्तव्य का निर्वाह नहीं किया। होनहार छात्र केखिलाफ दुर्भावनापूर्ण अभियान चलाया। उनका आचरण अनैतिक और मानवता से परे है।

स्कूल जिम्मेदारी निभाने में असफल रहा है। क्लास टीचर एक घंटे छात्र के बाहर रहने पर नोटिस नहीं कर पाई। यहां तक कि कक्षा से देवांश कब बाहर गया, ये भी नहीं बता पाई।

क्या दी हैं सिफारिशें

 Dewansh Death: swimming coach refused to extract the child from the tank

स्कूल के अधिकारी और स्टाफ को ऐसे हालात से निपटने का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।
छात्र के खिलाफ स्पेशल चाइल्ड बताने के दुर्भावनापूर्ण अभियान के लिए स्कूल प्रिंसिपल पर सिविल या क्रिमिनल कार्रवाई की जानी चाहिए।
.स्कूल प्रबंधन और स्वीमिंग कोच के खिलाफ उसके व्यवहार को देखते हुए लापरवाही का आपराधिक मामला दर्ज होना चाहिए।
.स्कूल केउच्च प्रबंधन को ऐसे लोगों की नियुक्ति को लेकर उत्तरदायी बनाना चाहिए।
-बच्चे को टैंक में घुसकर निकालने वाले 11वीं के छात्र प्राजवल सेहरावत की वीरता की सराहना की जानी चाहिए और वीरता पुरस्कार के लिए नाम की सिफारिश की जानी चाहिए।

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