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सर्वाइकल कैंसर: महिलाओं में दूसरा सबसे बड़ा कैंसर, प्रति लाख 17.7 महिलाएं प्रभावित, इस किट से पकड़ होगी आसान

Tue, 22 Apr 2025 07:44 AM IST
श्याम जी. अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: श्याम जी. Updated Tue, 22 Apr 2025 07:44 AM IST
सार

मौजूदा समय एक लाख महिलाओं में से 17.7 महिलाओं में यह कैंसर होता है। एडवांस स्टेज पर कैंसर का पता चलने के कारण 12.2 महिलाएं दम तोड़ देती हैं। सोमवार को एनएएमएस के 65वें स्थापना दिवस के दौरान इस कैंसर से जुड़े आंकड़े जारी किए गए।

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Detecting cervical cancer will be easy with indigenous kit
कैंसर - फोटो : Freepik.com

विस्तार

महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर की पकड़ स्वदेशी एचपीवी किट से आसान होगी। देश में बनीं तीन स्वदेशी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) किट का ट्रायल एम्स सहित तीन लैब में हुआ है। इसके प्राथमिक परिणाम बेहतर पाए गए हैं। बुधवार को इसके आंकड़े जारी किए जाएंगे। उम्मीद की जा रही है कि इस किट से जांच को राष्ट्रीय कार्यक्रम में शामिल किया जा सकेगा। ऐसा होने पर कोरोना की तरह देशभर में अभियान चलाकर महिलाओं की स्क्रीनिंग की जा सकेगी।
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नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेज (एनएएमएस) की टास्क फोर्स के मुताबिक, महिलाओं में होने वाला यह दूसरा सबसे बड़ा कैंसर है। मौजूदा समय एक लाख महिलाओं में से 17.7 महिलाओं में यह कैंसर होता है। एडवांस स्टेज पर कैंसर का पता चलने के कारण 12.2 महिलाएं दम तोड़ देती हैं। सोमवार को एनएएमएस के 65वें स्थापना दिवस के दौरान इस कैंसर से जुड़े आंकड़े जारी किए गए।
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एम्स के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की पूर्व प्रमुख व एनएएमएस की उपाध्यक्ष डॉ. नीरजा भाटला ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर को लेकर जागरूकता बढ़ने व शोध होने से देश में यह मामले तेजी से घट रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि इसे घटाकर एक लाख महिलाओं में 4.1 तक पहुंचाना है। यह 2062 तक होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि जांच के लिए स्वदेशी किट तैयार है। यह सस्ती होने के साथ विश्व स्तर के मानकों पर खरी उतरी है। उम्मीद है कि इसे राष्ट्रीय कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा। इसके अलावा लड़कियों के लिए वैक्सीनेशन का भी प्रावधान किया जा रहा है, जिससे कैंसर की रोकथाम में मदद मिलेगी।
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तेजी से बढ़ रहा है स्तन कैंसर
पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ के निदेशक डॉ. विवेक लाल ने कहा कि देश में स्तन कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, देश में हर साल दो लाख नए मामले सामने आते हैं। इनमें करीब 60 फीसदी मामले एडवांस स्टेज के होते हैं जिनमें कारगर इलाज नहीं मिल पाता। यह महिलाओं में होने वाला सबसे बड़ा कैंसर है। यह महिलाओं के साथ पुरुषों में भी होता है। यदि लोगों को इसके प्रति जागरूक किया जाए तो समस्या को रोका जा सकता है। लोगों को स्तन कैंसर के बारे में पता होना चाहिए। लक्षण दिखने पर तुरंत जांच करवानी चाहिए। यदि समय पर जांच होकर रोग पकड़ में आता है तो 100 फीसदी इलाज हो सकता है। स्तन में यदि किसी भी तरह की गांठ, सूजन दिखे तो नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

10 प्रतिशत महिलाओं में बढ़ता है वायरस
सर्वाइकल कैंसर के लिए जिम्मेदार ह्यूमन पैपिलोमा वायरस सभी महिलाओं में होता है, लेकिन 90 प्रतिशत महिलाओं में यह अपने आप खत्म हो जाता है। केवल 10 प्रतिशत महिलाओं में ही बढ़ता है, जो आगे चलकर कैंसर का रूप ले सकता है। 


फिर लौट सकता है कैंसर
डॉ. नीरजा ने कहा कि कैंसर फिर लौट सकता है। मरीज को नियमित डॉक्टर से जांच करवाते रहना चाहिए। ऐसा देखा गया है कि कैंसर होने वाले व्यक्ति को दूसरी जगह का कैंसर हो सकता है।
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