डेंगू डेथः फोर्टिस मामले की जांच पूरी, अस्पताल नेे बरती लापरवाही गिर सकती है गाज
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गुरुग्राम सेक्टर-44 स्थित फोर्टिस अस्पताल द्वारा 15 दिन के डेंगू के इलाज के एवज में 15.79 लाख रुपये वसूलने के मामले में अतिरिक्त महानिदेशक (स्वास्थ्य) की अगुवाई वाली टीम ने शुक्रवार को जांच पूरी कर ली है।
टीम अब स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को रिपोर्ट सौंपेंगी। सूत्रों की मानें तो इस मामले में फोर्टिस अस्पताल ने लापरवाही बरती है। टीम ने अस्पताल को मेडिकल एथिक्स का पाठ पढ़ाया है। इस मामले में जल्द ही अस्पताल को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया जाएगा।
दिल्ली के जयंत सिन्हा की सात वर्षीय बेटी आद्या को डेंगू होने के बाद 31 अगस्त को रॉकलैंड अस्पताल से सेक्टर-44 फोर्टिस अस्पताल लाया गया था। 15 दिन के इलाज के एवज में 15.79 लाख रुपये वसूले गए। इस मामले में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से गुहार के बाद हरियाणा सरकार ने जांच बैठाई थी।
अस्पताल प्रबंधन की ओर से मेडिकल एथिक्स का उल्लंघन हुआ
बृहस्पतिवार को अतिरिक्त महानिदेशक डॉ. राजीव बढेरा की अगुवाई वाली चार सदस्यीय टीम ने फोर्टिस अस्पताल से आठ घंटे तक रिपोर्ट खंगालने के बाद शुक्रवार को रिपोर्ट का अध्ययन किया।
सूत्रों के मुताबिक बिल का अध्ययन और आद्या के परिजनों से बातचीत के बाद टीम ने पाया है कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से मेडिकल एथिक्स का उल्लंघन हुआ है। इसमें कई जगहों पर ओवर चार्जिंग की बात भी सामने आई है।
टीम ने विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर ली है। यह रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव के जरिये स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को भेजी जाएगी। इसके बाद कोई फैसला लिया जाएगा। अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा सकता है।
दो दिन के अंदर जवाब देना होगा।विभाग जवाब से संतुष्ट नहीं होता है तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में अधिकारिक तौर पर अस्पताल प्रबंधन ने कुछ भी कहने से मना कर दिया है।