जानलेवा हो सकती है लापरवाही: दिल्ली में पिछले साल की तुलना में चार गुना ज्यादा डेंगू के मामले, एमसीडी ने तेज किए चालान
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, लगातार निर्माणाधीन स्थलों और रिहायसी कॉलोनियों की जांच हो रही है। इस साल करीब 15209664 घरों की जांच की है, 40289 घरों में मच्छरों का लार्वा पाया है। 39810 घरों को नोटिस दिया है।
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मानसून आते ही राजधानी में डेगू का खतरा चार गुना बढ़ गया। लोगों को मच्छरों से बचाव के इंतजाम बढ़ा देने चाहिए। जरा सी लापरवाही न केवल अस्पताल पहुंचा सकती है, बल्कि जानलेवा भी हो सकती है। पिछले साल जून के पहले हफ्ते में दिल्ली में डेंगू के कुल 36 मामले ही दर्ज किए गए थे, जबकि इस साल अभी तक करीब चार गुना ज्यादा 143 डेंगू के मामले सामने आ चुके हैं।
एमसीडी की रिपोर्ट से जानकारी मिली है कि इस साल दिल्ली में डेंगू से अभी तक किसी ने जान नहीं गंवाई है। लेकिन डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए इससे होने वाले खतरे को नजरंदाज नहीं किया जा सकता है। पिछले साल डेंगू ने दिल्ली में कई साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया था।
साल 2021 में दिल्ली में दिसंबर तक डेंगू के 9613 मामले दर्ज किए गए और 23 लोगों की इसके कारण मौत हो गई। इस साल जुलाई में डेंगू के केवल 16 मामले आए थे। लेकिन अगस्त से डेगू के मामले बेतहासा ढंग से बढ़ने लगे। अगस्त में डेंगू के 72 मामले, सितंबर में 217, अक्तूबर में 1196, नवंबर में 6739 और दिसंबर में ठंड के महीने में भी 1337 मामले आए। मौजूदा साल की बात करें तो जुलाई के पहले हफ्ते में ही डेंगू के 10 नए मामले आ चुके हैं।
एमसीडी ने मच्छर के लार्वा को नष्ट करने के लिए अपना अभियान तेज कर दिया है। लापरवाही करने वालों के न केवल चालान तेज कर दिए हैं, बल्कि चालान की राशि दो गुनी कर दी है। पहले 1000 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले निर्माणाधीन स्थलों पर मच्छरों का लार्वा मिलने पर जहां 50,000 रुपये का चालान होता था, अब इसे सीधे एक लाख कर दिया है। इसी तरह पहले 500-1000 वर्गमीटर क्षेत्रफल पर 10,000 रुपये चालान होता था, इसे बढ़ाकर 20,000 रुपया कर दिया है। 100-500 वर्गमीटर के लिए चालान की राशि 5,000 रुरये से बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दिया है। 100 वर्गमीटर से कम क्षेत्रफल के लिए चालान की राशि 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये कर दिया है।