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जान जोखिम में डालकर घरों से निकलते हैं लोग
कुमार हरिओम / अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Sun, 14 Sep 2014 09:48 PM IST
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चमचमाती साइबरसिटी के बीच एक ऐसा ही कोना है जहां लोग हर दिन इस चिंता से घर से निकलते है कि वे सही सलामत घर लौट सकें। दिन की शुरुआत से लेकर रात को घर लौटने तक घर के लोग उनके आने का इंतजार करते रहते है। गुड़गांव रेलवे से सटी ऐसी ही कॉलोनियों की यह रोज की कहानी है जहां लोग जान जोखिम में डालकर घरों से निकलते है।
गुड़गांव रेलवे स्टेशन से सटी दर्जनभर कॉलोनियों से प्रतिदिन हजारों लोग जान जोखिम में डालकर रेल पटरियां पार कर रहे है। रेलवे की तरफ से एक फुट ओवर ब्रिज तक का निर्माण नहीं किए जाने से लोगों को निकलने के लिए मजबूरन यह रास्ता अपनाना पड़ रहा है। गुड़गांव स्टेशन से राजधानी, शताब्दी समेत कई सुपरफास्ट ट्रेनें गुजरती है।
ऐसे में कई बार रेल पटरियां पार करते वक्त ट्रेन हादसे में कई लोग जान गंवा चुके है। प्रशासन से कई बार गुहार लगा चुके लोगों की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा। लेकिन इन्हें सुनने वाला कोई नहीं है।
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इन कॉलोनी में रहते है हजारों परिवार
महालक्ष्मी गार्डन, अशोक गार्डन, आनंद स्वरुप गार्डन, रतन विहार, जय विहार, विष्णु गार्डन, राजेंद्रा पार्क, सूरतनगर फेज एक, फेज-दो, टेकचंद नगर और दौलताबाद आदि।
चारदीवारी बनी महज शोपीस
स्टेशन पर फुटओवर ब्रिज न होने की वजह से रेलवे की तरफ से 15 लाख खर्च कर यहां बनाई गई चारदीवारी भी शोपीस बनकर रह गई है। रेलवे स्टेशन के दूसरी तरफ की कॉलोनियों के लोगों ने चारदीवारी के बीच-बीच में कट खोलकर आना-जाना शुरु कर दिया है। हालांकि, लोगों का कहना है कि आसपास कोई दूसरा रास्ता न होने की वजह से उन्हें यह रास्ता प्रयोग करना पड़ता है।
सत्यनारायण, स्थानीय निवासी
स्टेशन के सटी एक दर्जन कॉलोनी के लोग रोजाना यहां से निकलते है। प्रशासन से भी गुहार लगा चुके है लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। अब तो यहां से निकलने की आदत हो गई है।
हरिओम, स्थानीय निवासी
रोजाना काम के सिलसिले में यहां से गुजरना पड़ता है। कई बार रेल पटरियां पार करते कई बार लोग ट्रेनों की चपेट में आ चुके है। रेलवे अगर फुट ओवर ब्रिज बनवा दे तो हजारों लोगों की परेशानी दूर हो जाएगी।
नितिन, स्थानीय निवासी
कई बार स्टेशन पर मालगाड़ी के खड़े होने से लोगों के लिए पार करना मुश्किल हो जाता है। कॉलोनी के बच्चों को स्कूल जाने के लिए कई लोग मिलकर रेल पटरियां पार कराते है। सरकार की अनदेखी के चलते रोज हजारों लोग इस परेशानी को झेल रहे है।
योगिंद्र सिंह सारवान, वार्ड पार्षद
रेलवे स्टेशन पर फुट ओवर ब्रिज के निर्माण को लेकर प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया। लोगों की परेशानी को देखते हुए सांसद से मदद मांगी गई है। जिसमें सांसद कोटे से स्टेशन पर एफओबी बनाने का प्रस्ताव बनाया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद लोगों की परेशानी दूर हो जाएगी।
रेलवे इंजीनियरिंग विंग के एसडीओ वी के वाधवा का कहना है कि दीवार का निर्माण कराया गया है। रेलवे की ओर से अभी तक फुट ओवरब्रिज का कोई प्रस्ताव नहीं है।
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गुड़गांव रेलवे स्टेशन से सटी दर्जनभर कॉलोनियों से प्रतिदिन हजारों लोग जान जोखिम में डालकर रेल पटरियां पार कर रहे है। रेलवे की तरफ से एक फुट ओवर ब्रिज तक का निर्माण नहीं किए जाने से लोगों को निकलने के लिए मजबूरन यह रास्ता अपनाना पड़ रहा है। गुड़गांव स्टेशन से राजधानी, शताब्दी समेत कई सुपरफास्ट ट्रेनें गुजरती है।
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ऐसे में कई बार रेल पटरियां पार करते वक्त ट्रेन हादसे में कई लोग जान गंवा चुके है। प्रशासन से कई बार गुहार लगा चुके लोगों की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा। लेकिन इन्हें सुनने वाला कोई नहीं है।
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इन कॉलोनी में रहते है हजारों परिवार
महालक्ष्मी गार्डन, अशोक गार्डन, आनंद स्वरुप गार्डन, रतन विहार, जय विहार, विष्णु गार्डन, राजेंद्रा पार्क, सूरतनगर फेज एक, फेज-दो, टेकचंद नगर और दौलताबाद आदि।
चारदीवारी बनी महज शोपीस
स्टेशन पर फुटओवर ब्रिज न होने की वजह से रेलवे की तरफ से 15 लाख खर्च कर यहां बनाई गई चारदीवारी भी शोपीस बनकर रह गई है। रेलवे स्टेशन के दूसरी तरफ की कॉलोनियों के लोगों ने चारदीवारी के बीच-बीच में कट खोलकर आना-जाना शुरु कर दिया है। हालांकि, लोगों का कहना है कि आसपास कोई दूसरा रास्ता न होने की वजह से उन्हें यह रास्ता प्रयोग करना पड़ता है।
सत्यनारायण, स्थानीय निवासी
स्टेशन के सटी एक दर्जन कॉलोनी के लोग रोजाना यहां से निकलते है। प्रशासन से भी गुहार लगा चुके है लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। अब तो यहां से निकलने की आदत हो गई है।
हरिओम, स्थानीय निवासी
रोजाना काम के सिलसिले में यहां से गुजरना पड़ता है। कई बार रेल पटरियां पार करते कई बार लोग ट्रेनों की चपेट में आ चुके है। रेलवे अगर फुट ओवर ब्रिज बनवा दे तो हजारों लोगों की परेशानी दूर हो जाएगी।
नितिन, स्थानीय निवासी
कई बार स्टेशन पर मालगाड़ी के खड़े होने से लोगों के लिए पार करना मुश्किल हो जाता है। कॉलोनी के बच्चों को स्कूल जाने के लिए कई लोग मिलकर रेल पटरियां पार कराते है। सरकार की अनदेखी के चलते रोज हजारों लोग इस परेशानी को झेल रहे है।
योगिंद्र सिंह सारवान, वार्ड पार्षद
रेलवे स्टेशन पर फुट ओवर ब्रिज के निर्माण को लेकर प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया। लोगों की परेशानी को देखते हुए सांसद से मदद मांगी गई है। जिसमें सांसद कोटे से स्टेशन पर एफओबी बनाने का प्रस्ताव बनाया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद लोगों की परेशानी दूर हो जाएगी।
रेलवे इंजीनियरिंग विंग के एसडीओ वी के वाधवा का कहना है कि दीवार का निर्माण कराया गया है। रेलवे की ओर से अभी तक फुट ओवरब्रिज का कोई प्रस्ताव नहीं है।