नोटबंदी से जनपथ के कपड़ा बाजार में पचास फीसदी तक गिरावट
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दिल्ली के दिल कनॉट प्लेस स्थित फैशन बाजार कहे जाने वाले जनपथ में नोटबंदी से करीब 40 से पचास फीसदी बिक्री में गिरावट आयी है। हालांकि दुकानदारों का कहना है कि मोदी का फैसला हमारे हक में है। सर्दी शुरू होने से पहले बेशक जेब ठंडी हुई है, लेकिन हमारी रोजी-रोटी निकल रही है।
मुनाफे की बात सोच में ही रह गयी
जनपथ पर पुरुषों का वूलन कोट बेचने वाले राजकुमार लांबा का कहना था कि सर्दी की दस्तक के साथ मुनाफे की भी बात होती है। क्योंकि वूलन कोट में थोड़ी कमायी होती है, लेकिन पहले दिवाली और फिर नोटबंदी के चलते मुनाफा सोच में ही रह गया है। कमायी पर करीब तीस से 40 फीसदी फर्क पड़ा है। हालांकि अब लोग कम पैसे से सामान खरीदना चाहते हैं। इसीलिए बोहनी हो रही है।
जमा पूंजी का सामान खरीदा, लागत भी नहीं निकल रहा
बच्चों की जैकेट बेचने वाले अफजल परेशान थे। क्योंकि सारा जमा-पूंजी का सामान खरीदा था लेकिन नोटबंदी के चलते ग्राहक पहले की तुलना में कम हैं। ऐसे में मुनाफा तो दूर लागत भी नहीं निकल पाएगी। सुबह से सिर्फ हजार रुपये का सामान ही बिका था, जिसमें से मुनाफा व अन्य खर्चे निकालने के बाद सिर्फ तीन सौ रुपये ही बचे हैं।
दाल रोटी निकल रही,नोटबंदी पर ग्राहक को पचास रुपये की छूट
लेडीज, बच्चों व पुरुषों के स्वेटर व जैकेट बेचने वाले सुरेंद्र कुमार हंसकर ग्राहक को सामान दिखाते हुए कहते हैं कि चलो नोटबंदी के चलते आपको पचास रुपये छूट मिलेगी। सुरेंद्र ने बताया कि दाल-रोटी निकालने जितनी कमायी हो रही है। यह बड़ी बात है। हमारे पास कोई पैसा नहीं है, इसलिए हम मोदी के इस फैसले में साथ देंगे।
नोटबंदी में ग्राहक को दस फीसदी की छूट से दे रहे राहत
बच्चों के इनर बेचने वाले वंसत सिंह हर आने-जाने वाले को नोटबंदी में दस फीसदी तक सभी आइटम में छूट देने की बात करके रिझा रहे थे। वसंत ने बताया कि पहले सात से आठ हजार रुपये की प्रतिदिन सेल होती थी, जोकि इन दिनों तीन से चार हजार रुपये की रह गयी है। हालांकि फैसला सही है, इसलिए छूट भी दे रहे हैं।