देश में सबसे ज्यादा कमाते हैं इस शहर के लोग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भागती-दौड़ती दिल्ली कमाने में भी तेजी से
यही
वजह है कि सिनेमा देखने, वाहन शौक और मोबाइल समेत अन्य चीजों पर दिल्ली
वाले खूब खर्च करते हैं। रिपोर्ट में गोवा के 2013-14 के प्रति व्यक्ति आय
के आंकड़े नहीं हैं, लेकिन 2012-13 में गोवा की प्रति व्यक्ति आय दिल्ली के
मुकाबले 7927 रुपये अधिक थी। इस लिहाज से दिल्ली को दूसरे नंबर पर भी रखा
जा सकता है।
इसके अलावा हरियाणा, महाराष्ट्र, सिक्किम, तमिलनाडु, उत्तराखंड, अंडमान निकोबार द्वीप समूह, चंडीगढ़ और पांडिचेरी ही प्रतिव्यक्ति आय के मामले में एक लाख रुपये का आंकड़ा पार कर रहे हैं। दो लाख रुपये का आंकड़ा कोई राज्य नहीं छू सका है।
फोन कनेक्शन भी बढ़े हैं दोगुनी रफ्तार से
रिपोर्ट के अनुसार, 2008-09 में दिल्ली की प्रतिव्यक्ति आय 1.12 लाख रुपये थी, जो अब 2.20 लाख हो गई है। वर्ष
2012-13 के मुकाबले प्रति व्यक्ति आय में 27,392 रुपये की वृद्धि हुई है।
रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में फोन कनेक्शन लेने वालों की संख्या भी तेजी
से बढ़ी है। आबादी के हिसाब से फोन दोगुने से भी ज्यादा हैं।
राजधानी में
4.26 करोड़ मोबाइल कनेक्शन समेत 4.57 करोड़ टेलीफोन कनेक्शन हैं, जो 2010
के मुकाबले 1.47 करोड़ अधिक है। इसमें बड़ी वृद्धि मोबाइल कनेक्शन में है,
जो 2010 के मुकाबले 1.43 करोड़ बढ़े हैं। हालांकि लैंडलाइन फोन 3.39 लाख ही
बढ़े हैं।
रिपोर्ट का स्याह पहलू, 23 हजार परिवार बेघर
चमचमाती दिल्ली में रहने वाले खूब कमा रहे हैं
और खर्च भी कर रहे हैं, लेकिन मकानों की कमी, मृत पैदा हो रहे बच्चे और
रजिस्टर बेरोजगारों की संख्या परेशान कर रही है।
दिल्ली स्टैटिकल हैंडबुक,
2014 के मुताबिक, करीब 23 हजार परिवारों के सिर पर छत नहीं है। खुले आसमान
में जिंदगी बिता रहे हैं। यही नहीं, देशभर के तमाम राज्यों के मुकाबले
राजधानी में मकान की कमी ज्यादा है।
रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में 4.9 लाख
मकानों की कमी है, जबकि चंडीगढ़ में सिर्फ 20 हजार, गोवा में 60 हजार,
हिमाचल में 40 हजार, जम्मू-कश्मीर में 1.3 लाख, उत्तराखंड में 1.6 लाख,
पंजाब में 3.9 लाख और हरियाणा में 4.2 लाख मकानों की कमी है। दिल्ली में जो
23,175 परिवार बेघर हैं, उनमें महिलाओं की संख्या 9240 है, बाकी परिवार के
47,046 सदस्य पुरुष हैं।