दिल्ली दंगा: उमर खालिद को मिली जमानत, अदालत ने कहा- ऐसे तो जेल में नहीं रख सकते
दिल्ली दंगा मामले में साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किए गए जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र उमर खालिद को अदालत ने जमानत दे दी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अदालत ने दिल्ली दंगों में आरोपी जेएनयू के छात्र उमर खालिद को जमानत प्रदान कर दी है। अदालत ने कहा कि खालिद को मात्र मुख्य आरोपी ताहिर हुसैन व खालिद सैफी के बयानों के आधार पर आरोपी बनाया गया है, लेकिन ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है कि वह दंगो के षड्यंत्र में शामिल था। वहीं सैफी को जमानत मिल चुकी है ऐसे में वह भी जमानत का हकदार है।
कड़कड़डूमा अदालत स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव ने अपने फैसले में अभियोजन पक्ष के उस तर्क को खारिज कर दिया कि आरोपी इन सांप्रदायिक दंगों के गहरे षड्यंत्र में लिप्त था। आरोपी ने असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर दंगों की साजिश रची थी।
अदालत ने बचाव पक्ष के उस तर्क को स्वीकार कर लिया कि उनके मुवक्किल के खिलाफ केस मात्र मुख्य आरोपी पार्षद ताहिर हुसैन व सैफी के बयानों के आधार पर दर्ज किया गया है। अदालत ने उनके इस तर्क को भी स्वीकार कर लिया कि उनका मुवक्किल घटनास्थल पर नहीं था और न ही उसे किसी भी सीसीटीवी फुटेज में देखा गया और न ही उसके मोबाइल फोन की लोकेशन इस इलाके में मिली।
North East Delhi Violence: Delhi court grants bail to JNU former student leader Umar Khalid (in file pic). Court noted that he can't be made to incarcerate in jail for infinity merely on account that others who were part of the mob have to be identified & arrested in the matter. pic.twitter.com/Tg7Tcu2hrJ
— ANI (@ANI) April 15, 2021
अदालत ने माना कि आरोपी के खिलाफ न तो कोई पब्लिक का गवाह है न ही कोई पुलिसकर्मी। अदालत ने माना कि खालिद के खिलाफ ऐसा कोई साक्ष्य नहीं कि उसने दंगों के लिए षड्यंत्र रचा। इस मामले में जांच पूरी होने के बाद आरोपपत्र दाखिल हो चुका है। आरोपी से किसी भी प्रकार की बरामदगी नहीं हुई है। अदालत ने कहा याची एक अक्तूबर 2020 से जेल में है और ट्रायल में काफी देरी होगी।
इसी प्रकार इस मामले में कई आरोपियों को इस अदालत ने तो कई अन्य को हाईकोर्ट ने जमानत प्रदान कर दी है। ऐसे में उनका मानना है कि वह जमानत पाने का हकदार है। अदालत ने आरोपी को 20 हजार रुपये के व्यक्तिगत मुचलके व एक अन्य जमानत राशि पर जमानत पर रिहा करने का निर्देश दिया है। अदालत ने खालिद को साक्ष्यों व गवाहों को प्रभावित न करने व इलाके में शांति बनाए रखने का निर्देश दिया है।
पुलिस ने आरोप लगाया था कि दंगों के गहरे षड्यंत्र के तहत करावल नगर में दंगे हुए थे और भींड ने पत्थरबाजी के अलावा आगजनी की थी। मुख्य आरोपी ताहिर के घर की छत से भी दंगोइयों ने हंगामा किया था। आरोपी पर गंभीर आरोप है। वहीं बचाव पक्ष ने अन्य तर्को के अलावा उसे राजनीतिक कारणों से फर्जी मामले में फंसाने का भी तर्क रखा था।