{"_id":"66de23e73c80944463042d53","slug":"delhi-the-first-section-of-delhi-dehradun-expressway-will-start-from-december-2024-09-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi : दिसंबर से शुरू हो जाएगा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का पहला खंड,यमुनापार में कम होगा वाहनों का दबाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi : दिसंबर से शुरू हो जाएगा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का पहला खंड,यमुनापार में कम होगा वाहनों का दबाव
Mon, 09 Sep 2024 03:53 AM IST
दुष्यंत शर्मा
धनंजय मिश्रा, नई दिल्ली
धनंजय मिश्रा, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 09 Sep 2024 03:53 AM IST
सार
इसे दिसंबर तक जनता के लिए शुरू करने की योजना है। इसका 14.75 किलोमीटर का हिस्सा दिल्ली में आता है। यह अक्षरधाम से शुरू होकर लोनी बाॅर्डर तक जाता है। इस हिस्से में पांच प्रवेश और निकास पॉइंट बनाए गए हैं।
विज्ञापन
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे के पहले खंड का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। इसे दिसंबर तक जनता के लिए शुरू करने की योजना है। इसका 14.75 किलोमीटर का हिस्सा दिल्ली में आता है। यह अक्षरधाम से शुरू होकर लोनी बाॅर्डर तक जाता है। इस हिस्से में पांच प्रवेश और निकास पॉइंट बनाए गए हैं।
विज्ञापन
इसके अस्तित्व में आने से जहां एक ओर यमुनापार में वाहनों का दबाव कम होगा, वहीं दूसरी ओर दिल्ली वालों को इस हिस्से में कोई भी टोल नहीं देना होगा। एक्सप्रेसवे के इस हिस्से में अक्षरधाम, गांधी नगर-गीता कॉलोनी, आईएसबीटी-दिलशाद गार्डन मार्ग, खजूरी पुस्ता मार्ग और सिग्नेचर ब्रिज मार्ग पर एग्जिट और एंट्री पाॅइंट बनाए गए हैं। इसमें शास्त्री पार्क रेडलाइट के पास अलग से एक लूप बनाया गया है। इसकी मदद से कश्मीरी गेट बस अड्डे की तरफ से आने वाले वाहनों का हाइवे पर जाना आसान होगा।
विज्ञापन
इसी तरह से खजूरी खास में भी एग्जिट और एंट्री प्वाइंट बनाए गए हैं। खास बात यह है कि दिल्ली में एक्सप्रेसवे में प्रवेश करने और बाहर निकलने वाले यात्रियों को टोल नहीं देना होगा।
विज्ञापन
35 मिनट लगेंगे अक्षरधाम से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तक जाने में
एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि एक्सप्रेसवे का पहला खंड इस साल दिसंबर में यातायात के लिए खोलने की याेजना है। पहला खंड अक्षरधाम से शुरू होगा, जो ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (ईपीई) तक जाता है। इस 32 किलोमीटर लंबे खंड का 19 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटिड है। यह यमुनापार में गीता काॅलोनी, खजूरी खास, मंडोला और पंचगांव जैसी घनी आबादी वाली जगहों से गुजरता है। इसकी मदद से वाहन घनी आबादी वाले क्षेत्रों में जाने से बचेंगे। अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा समय में अक्षरधाम से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे तक जाने में वाहन चालकों को डेढ़ घंटे का समय लगता है। एक्सप्रेसवे का पहला खंड शुरू होने से वाहन चालक 30 से 35 मिनट में यह दूरी तय कर लेंगे। यही नहीं पूर्वी दिल्ली की विभिन्न सड़कों पर से दो लाख के करीब वाहनों का दबाव कम हो जाएगा।
दिल्ली में एंट्री और एग्जिट होगी आसान
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर जाने और निकलने की व्यवस्था शास्त्री पार्क के पास होगी। यहां पर कश्मीरी गेट से देहरादून जाने वाले वाहन शास्त्री पार्क के पास एक्सप्रेसवे पर जा सकेंगे। यूपी की तरफ से एक्सप्रेस-वे से आने वाले वाहन शास्त्री पार्क के पास निकल भी सकेंगे। अधिकारियों ने बताया कि एक्सप्रेस वे के दिल्ली के हिस्से में एट्री और एग्जिट पॉइंट इस हिसाब से बनाया गया है कि दक्षिणी मध्य, उत्तरी और पूर्वी दिल्ली के वाहनों चालकों की आवाजाही आसान हो सके। दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे, विकास मार्ग, गीता कॉलोनी यमुना पुल, शास्त्री पार्क, सिग्नेचर ब्रिज इन सभी मार्गों से आने वाले वाहन चालकों को एक्सप्रेस वे पर चढ़ने के लिए एंट्री पॉइंट बनाए गए हैं। साथ ही एक्सप्रेस-वे से निकलने के लिए एग्जिट पॉइंट भी बनाए गए हैं।
ऐसा है पहले खंड का स्वरूप
एक्सप्रसे वे के पहले खंड की लंबाई 32 किलोमीटर है। इसको दो हिस्सों में तैयार किया जा रहा है। एक की लंबाई 14.75 किमी है। यह दिल्ली में आता है। दूसरे पैकेज की लंबाई 16.85 किलोमीटर है। यह लोनी से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (ईपीई) तक जाता है। पैकेज-एक की लागत 1100 और पैकेज-दो की लागत 1323 करोड़ है। पैकेज-एक में 6.398 किलोमीटर और पैकेज-दो में 11.244 किलोमीटर लंबा एलिवेटिड है। इसमें सात अंडरपास, दो आरओबी, 17 मेजर और 37 माइनर जंक्शन बनाए गए हैं।