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दिल्ली: गंगाराम अस्पताल में कॉकटेल दवा के जरिए दो मरीजों को राहत, जानिए पूरा मामला
Wed, 09 Jun 2021 06:00 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Wed, 09 Jun 2021 06:00 PM IST
सार
गंगाराम अस्पताल के अनुसार दो कोरोना मरीजों पर मोनोक्लोनल एंटीबॉडी का इस्तेमाल किया है। जिसे एंटीबॉडी कॉकटेल भी कहा जाता है। दवा देने के बाद शुरुआती सात दिनों में मरीजों में अच्छी रिकवरी दिखी जिसकी वजह से आखिरी नतीजे भी सकारात्मक रहे हैं।
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गंगाराम अस्पताल, दिल्ली
- फोटो : Social media
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विस्तार
दिल्ली के अस्पतालों में अब एंटीबॉडी कॉकटेल दवा के प्रचार की होड़ शुरू हो गई है। पहले फोर्टिस, फिर अपोलो और उसके बाद मैक्स अस्पताल ने कॉकटेल दवा पर जोर देना शुरू कर दिया है। वहीं बुधवार को सर गंगाराम अस्पताल ने भी दो मरीजों में इस दवा के जरिए राहत मिलने का दावा किया है। हालांकि इस दवा की प्रति खुराक 60 हजार रुपये के आसपास है।
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गंगाराम अस्पताल के अनुसार दो कोरोना मरीजों पर मोनोक्लोनल एंटीबॉडी का इस्तेमाल किया है। जिसे एंटीबॉडी कॉकटेल भी कहा जाता है। दवा देने के बाद शुरुआती सात दिनों में मरीजों में अच्छी रिकवरी दिखी जिसकी वजह से आखिरी नतीजे भी सकारात्मक रहे हैं।
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अस्पताल की वरिष्ठ डॉ. पूजा खोसला ने बताया कि 36 वर्षीय एक स्वास्थ्य कर्मचारी को बुखार, कफ और कमजोरी होने पर छठवें दिन कॉकटेल दवा दी गई। दवा देने के बाद मरीज को चिकित्सीय निगरानी में रखा गया और 12 घंटे के अंदर स्वास्थ्य में सुधार मिला। अगले दिन उसे डिस्चार्ज कर दिया।
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इसी तरह 80 वर्षीय बुजुर्ग मधुमेह और उच्च रक्तचाप के रोगी हैं। उन्हें भी बुखार और सांस लेने में तकलीफ हुई। सीटी स्कैन में संक्रमण का हल्का असर मिला लेकिन उच्च जोखिम की स्थिति में होने के कारण उन्हें यह दवा दी गई और 12 घंटे में ऑक्सीजन का लेवल 96 से बढ़कर 98 फीसदी तक पहुंच गया। हालांकि अभी उन्हें अस्पताल में ही भर्ती रखा है। एक दिन में बाद डिस्चार्ज किया जाएगा।
डॉ. खोसला का कहना है कि आगे जाकर यह दवा काफी उपयोगी साबित हो सकती है क्योंकि इससे काफी फायदा लोगों को होगा। लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती होने, लाखों रुपये के बिल इत्यादि से राहत मिलेगी। साथ ही इसका उत्पादन भारत में बढने से यह सस्ती भी होगी।
दरअसल सप्ताह भर पहले ही अस्पताल के चेयरमैन डॉ. डीएस राना ने कहा था कि इस एकल खुराक वाली कॉकटेल दवा की कीमत 59,750 रुपये है। कहा जा रहा है कि इस दवा के इस्तेमाल से कोरोना मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने का रिस्क 70 फीसदी तक कम हो जाता है।
फॉर्मा कंपनी रोश इंडिया और सिप्ला मिलकर इसके उत्पादन पर काम कर रही हैं। एंटीबॉडी कॉकटेल में कैसिरिविमैब और इमदेविमाब दो दवाओं का मिश्रण है जिसकी पहली खेप पिछले महीने ही भारत आई थी। जबकि दूसरी खेप इसी महीने के अंत तक आ सकती है।
दरअसल सप्ताह भर पहले ही अस्पताल के चेयरमैन डॉ. डीएस राना ने कहा था कि इस एकल खुराक वाली कॉकटेल दवा की कीमत 59,750 रुपये है। कहा जा रहा है कि इस दवा के इस्तेमाल से कोरोना मरीजों के अस्पताल में भर्ती होने का रिस्क 70 फीसदी तक कम हो जाता है।
फॉर्मा कंपनी रोश इंडिया और सिप्ला मिलकर इसके उत्पादन पर काम कर रही हैं। एंटीबॉडी कॉकटेल में कैसिरिविमैब और इमदेविमाब दो दवाओं का मिश्रण है जिसकी पहली खेप पिछले महीने ही भारत आई थी। जबकि दूसरी खेप इसी महीने के अंत तक आ सकती है।