Delhi: एटीएम कार्ड बदलकर स्वैपिंग मशीन से निकाले 60 लाख, गिरोह का मास्टरमाइंड सुखदेव ऐसे देता था चकमा
पुलिस ने गैंग के तीन जालसाजों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से पुलिस ने नौ स्वैपिंग मशीनें, 17 डेबिट कार्ड, 10 चेक बुक और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
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उत्तरी बाहरी जिला साइबर सेल ने एटीएम कार्ड की अदला-बदली कर स्वैपिंग (पीओएस) मशीन से पैसे निकालने वाले गैंग का खुलासा किया है। पुलिस ने गैंग के तीन जालसाजों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से पुलिस ने नौ स्वैपिंग मशीनें, 17 डेबिट कार्ड, 10 चेक बुक और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि गैंग अब तक 60 लाख की ठगी कर चुका है।
एनसीआरपी पोर्टल के जरिये उत्तरी बाहरी जिला साइबर सेल को राजकुमार चौहान की शिकायत मिली। जिन्होंने बताया कि एटीएम पर किसी ने उसका डेबिट कार्ड बदल दिया और उसके बैंक खाते से 2.29 लाख रुपये निकाल लिए गए। जांच में पता चला कि पैसे जयपुर में एक पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीन से निकाले गए थे। मामले की जांच करने पर पता चला कि दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा में डेबिट कार्ड स्वैपिंग गैंग सक्रिय है। गिरोह के सदस्य एटीएम कियोस्क पर लोगों की मदद करने के बहाने कार्ड की अदला-बदली करते हैं। इसके साथ-साथ पीड़ित को झांसा देकर उनका पिन नंबर ले लेते हैं। उसके बाद डेबिट कार्ड से पीओएस मशीन के माध्यम से पैसे निकाल लेते हैं।
तकनीकी जांच में पता चला कि जिस खाते पर पीओएस मशीन लिए गए हैं, उसका केवाईसी सिरसा के एक व्यक्ति के नाम है। केवाईसी और लोकेशन के आधार पर पुलिस टीम ने सिरसा में दबिश दी। जहां से पुलिस ने एलानाबाद निवासी सुखदेव सिंह और भारत नगर निवासी गगन सोनी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि गिरफ्तार व्यक्ति पहले चालू खाता की व्यवस्था करते हैं और नेट बैंकिंग को अपने नियंत्रण में रखते हैं। इसके अलावा वह पेटीएम से पीओएस मशीन मंगवाते हैं। सुखदेव सिंह इन मशीनों की आपूर्ति गगन सोनी को करता है। गगन सोनी इन मशीनों को जितेंद्र और अन्य सहयोगियों को सौंपता है। पुलिस ने इनके निशानदेही सुल्तानपुरी निवासी जितेंद्र को गिरफ्तार कर लिया।
जांच में पता चला कि आरोपी एटीएम पर कार्ड की अदला-बदली करने के बाद कार्ड को गैंग के सदस्यों को दे देते हैं, फिर उसे स्वैपिंग मशीन से निकाल लेते हैं। जांच में यह बात सामने आई है कि गैंग के पास 30 स्वैपिंग मशीन हैं और आरोपी अब तक 60 कार्ड से पैसे निकाल चुके हैं। पुलिस गैंग में शामिल अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
कारोबार में घाटा होने के बाद करने लगा जालसाजी
पुलिस ने बताया कि सुखदेव सिंह गैंग का सरगना है। कारोबार में घाटा होने के बाद वह गगन के संपर्क में आकर जालसाजी करने लगा। वह न्यू वेल वियर जयपुर समेत कई फर्जी फर्म के नाम से चालू खाते खुलवाता था और पीओएस मशीन खरीदकर उसे गगन को सप्लाई करता था।