दिल्ली पुलिस सरकार से चाहती है और अधिकार
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सरकार के सम-विषम फॉर्मूले को लेकर दिल्ली पुलिस और अधिकार चाहती है। ट्रैफिक पुलिस अधिकारी मानते हैं कि यह योजना तभी लागू हो सकती है जब चालान की राशि ज्यादा हो और वाहन सीज करने का अधिकार मिले।
महज 100 रुपये के चालान से इतनी बड़ी योजना को लागू नहीं किया जा सकता। वहीं, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को वहीं अधिकारी मिलने चाहिए जो कॉमनवेल्थ केदौरान मिले थे। इस संबंध में सरकार को दिल्ली पुलिस अवगत कराएगी।
दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) मुक्तेश चंदर मानते हैं कि ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को तभी रोका जा सकता है जब चालान राशि ज्यादा हो। जब वाहन अधिनियम एक्ट बनाया गया था, उस समय 100 रुपये का महत्व था, लेकिन अब इतने का चालान लोगों के लिए आसान सा है।
ड्राफ्ट तैयार करे दिल्ली सरकार
दिल्ली पुलिस चाहती है कि दिल्ली सरकार स्कीम को लेकर एक ड्राफ्ट तैयार करे। इसमें दिल्ली पुलिस की सहायता ली जाए। जल्दबाजी में नहीं, कानून बनाने के बाद ही लागू किया जाए।
एक अन्य पुलिस अधिकारी का कहना है कि वाहन अधिनियम केतहत 2000 रुपये का चालान होना चाहिए और गाड़ी को जब्त करने का अधिकार मिलना चाहिए। दिल्ली सरकार पहले दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को इसकी जानकारी दे।
इसके बाद ही दिल्ली ट्रैफिक पुलिस स्कीम को ठीक से लागू करवाने के लिए कुछ तय कर पाएगी। विशेष पुलिस आयुक्त मुक्तेश चंदर का कहना है कि पुलिस स्कीम का इंतजार कर रही है। स्कीम का अध्ययन करने केबाद ही आगे कुछ कहा जा सकता है।
दिल्ली पुलिस को स्कीम में शामिल नहीं किया गया है। उन्हें तीन-चार दिन बैठक में बुलाया गया था। दिल्ली सरकार 25 दिसंबर तक कोई फैसला लेगी। दिल्ली पुलिस दिल्ली सरकार के प्लान का इंतजार कर रही है। प्लान आने केबाद ही दिल्ली पुलिस अपना एक्शन प्लान बता पाएगी।-भीमसेन बस्सी, दिल्ली पुलिस आयुक्त