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दिल्ली पुलिस निभा रही इंसानियत का फर्ज, किसी ने कराया पीसीआर में प्रसव तो किसी ने दिया अर्थी को कंधा

Thu, 30 Apr 2020 09:51 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Thu, 30 Apr 2020 09:51 PM IST
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Delhi Police performing humanity during lockdown Someone help in Delivery someone perform last rites
दिल्ली पुलिस - फोटो : अमर उजाला

उत्तरी दिल्ली के गोपालपुर इलाके में एक महिला ने पीसीआर वैन में बच्ची को जन्म दिया। महिला सिपाही ने प्रसव में उसकी मदद की। मां-बेटी दोनों को सिविल लाइंस इलाके में स्थित तीरथ राम अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां दोनों स्वस्थ बताए जा रहे हैं। परिवार पुलिसकर्मियों की तारीफ कर रहा है। वहीं डॉक्टरों का भी कहना है कि यदि समय पर पुलिसकर्मी दोनों को अस्पताल नहीं पहुंचाते तो कोई अनहोनी हो सकती थी।

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पीसीआर के पुलिस उपायुक्त शरत कुमार सिन्हा ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह 9.30 बजे गोपालपुर की गली नंबर-1 से पुलिस को कॉल मिली कि एक महिला को प्रसव पीड़ा हो रही है। फौरन नजदीकी पीसीआर वैन पर तैनात एएसआई हवा सिंह और सुरेंद्र वहां पहुंच गए। महिला का दर्द बढ़ गया, तो उसे पीसीआर वैन से अस्पताल ले जाया जाने लगा, लेकिन दोनों जवानों को लगा कि महिला रास्ते में ही बच्चे को जन्म दे देगी, इसलिए उन्होंने दूसरी पीसीआर वैन, जिस पर महिला जवान तैनात थी, उससे मदद मांगी। 
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दूसरी पीसीआर वैन पर एएसआई देवेंद्र, हवलदार विजेंद्र और महिला सिपाही रेशम फौरन मदद को आ गए। महिला को तीरथ राम अस्पताल ले जाने का फैसला हुआ। इस बीच महिला ने पीसीआर वैन में ही बच्ची को जन्म दे दिया। महिला सिपाही रेशम ने प्रसव में उसकी मदद की। बाद में दोनों को अस्पताल में सुरक्षित भर्ती करा दिया गया।
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महिला के पार्थिव शरीर को कंधा देकर हवलदार ने करवाया अंतिम संस्कार

दिल्ली पुलिस एक ओर जहां लॉकडाउन का सख्ती से पालन करवा रही है वहीं, इंसानियत का फर्ज भी निभा रही है। ऐसा ही मामला वसंत कुंज इलाके में सामने आया है। घर में वृद्ध महिला की मौत हो गई। परिवार में दो ही सदस्य थे। ऐसे में पुलिस ने इंसानियत का फर्ज निभाते हुए वृद्धा के शव का अंतिम संस्कार करवाया। वृद्धा का परिवार जहां पुलिस को धन्यवाद देते नहीं थक रहा है वहीं इलाके में पुलिस की खूब प्रशंसा हो रही है।

दक्षिण जिला डीसीपी अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि सी-4 वसंत कुंज में शांति देवी (93) बेटी के साथ रहती थी। उनका बेटा विदेश में रहता है। बुधवार को शांतिदेवी का निधन हो गया। घर में दामाद व नवासा था। ऐसे में कंधा देने वाले चार लोग भी नहीं थे। लॉकडाउन के कारण अन्य रिश्तेदार नहीं आ सके। ऐसे में शांतिदेवी की बेटी ने वसंत कुंज (नार्थ) थानाध्यक्ष के मोबाइल पर फोन किया। परंतु दक्षिण जिले में थानाध्यक्षों के नंबर बदल जाने के कारण इस नंबर के मोबाइल का इस्तेमाल ग्रेटर कैलाश-एक के थानाध्यक्ष सोमनाथ पारूथी कर रहे है। 

थानाध्यक्ष सोमनाथ पारूथी ने बेटी की पूरी बात सुनी और अपने थाने से सिपाही हवा सिंह व अन्य को भेजा। हवा सिंह ने एंबुलेंस को बुलवाया। वह कंधा देकर शव को एंबुलेंस से मोतीलाल नेहरू कैंप स्थित श्मशान घाट ले गए। उन्होंने पंडित व लकड़ियों को इंतजाम किया। शाम को जाकर वृद्धा का अंतिम संस्कार हो पाया।

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