दिल्ली में दिनभर हुआ दंगल: पुलिस ने 700 लोगों को हिरासत में लिया, देर रात छोड़ा गया; सब पर अब भी है खुफिया नजर
पुलिस सूत्रों का कहना है कि प्रदर्शनकारी पहलवानों पर देर रात तक खुफिया नजर रखी हुई थी कि वह फिर से जंतर-मंतर न पहुंच जाएं।
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दिल्ली पुलिस ने नए संसद भवन के सामने पहलवानों के समर्थन में महिला महापंचायत में भाग लेने जा रहे 700 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया। सभी को अलग-अलग जगहों से हिरासत में लिया गया था। जंतर-मंतर से प्रदर्शनकारी पहलवानों समेत 109 लोगों को हिरासत में लिया गया। पहलवानों समेत सभी को दिल्ली के अलग-अलग थानों में रखा गया था।
महिला प्रदर्शनकारियों को देर शाम और पुरुष पहलवानों समेत हिरासत में लिए लोगों को देर रात छोड़ दिया गया। दिल्ली पुलिस के अधिकारी इस मामले में पूरी तरह चुप्पी साधे रहे। दिल्ली पुलिस की तरफ से रविवार शाम तक कोई बयान जारी नहीं किया गया था।
दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार हिरासत में लिए गए लोगों को 12 पुलिस स्टेशन फतेहपुरबेरी, वसंतकुंज, पालम, वसंत विहार, संसद मार्ग, बुराडी, मयूर विहार व कालकाजी में रखा गया। पहलवान बजरंग पूनिया को मयूर विहार, संगीता फोगाट व विनेश को कालकाजी पुलिस स्टेशन और साक्षी मलिक को बुराडी पुलिस स्टेशन में रखा गया। सभी को दिन भर हिरासत में रखा गया।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि प्रदर्शनकारी पहलवानों पर देर रात तक खुफिया नजर रखी हुई थी कि वह फिर से जंतर-मंतर न पहुंच जाएं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साक्षी मलिक ने कुछ पहलवानों को उठाकर गिरा दिया था। हालांकि, देर रात साक्षी मलिक ट्वीट कर सफाई दी कि उसने किसी को नहीं गिराया। वरिष्ठ पुलिस सूत्रों का कहना है कि कानून-व्यवस्था की स्थिति को खराब करने को लेकर दिल्ली पुलिस जल्द ही एफआईआर दर्ज कर सकती है।