साढ़ू गैंग की अपराध गाथा: 10 महीने में चुराए 100 लग्जरी वाहन, 5-7 मिनट में उठाते थे कार; इसलिए नाम पड़ा साढ़ू
पुलिस ने इंटरस्टेट साढू गैंग के मास्टरमाइंड सहित तीन को गिरफ्तार किया है। हाईटेक गैजेट से जिम के बाहर से महंगी गाड़ियां चुराते थे। वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल करते थे।
विस्तार
दिल्ली के द्वारका जिले के वाहन चोरी निरोधी दस्ते (एएटीएस) ने 10 महीने में लगभग 100 लग्जरी गाड़ियां चोरी कर चुके इंटरस्टेट गैंग का पर्दाफाश करते हुए मास्टरमाइंड सहित तीन वाहन चोरों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान रवि उर्फ महेश उर्फ राजू, मोनू उर्फ मनीष और कालू के रूप में हुई है। इनमें से रवि और मोनू सगे साढ़ू हैं। यह लोग पुलिस से बचने के लिए वॉकी टॉकी का इस्तेमाल करते थे। इन्हें पता था कि मोबाइल से बात करने पर उनके लोकेशन के बारे में पुलिस पता लगा सकती है।
क्रेटा, फॉर्च्यूनर, ब्रेजा जैसी लग्जरी गाड़ी ही चुराते थे
द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त अंकित सिंह ने बताया कि गिराह के सदस्य खासकर क्रेटा, फॉर्च्यूनर, ब्रेजा जैसी लग्जरी गाड़ी को टारगेट करते थे, जो जिम के आसपास खड़ी होती थी। इनसे फॉर्च्यूनर, क्रेटा और ब्रेजा जैसी पांच लग्जरी गाड़ियां बरामद की गई हैं। इसके अलावा ब्लैंक रिमोट, वॉकी-टॉकी, जैमर और दूसरे टूल्स भी बरामद किए गए हैं। इतना ही नहीं एक हाईटेक टूल्स भी बरामद किया गया है, जिसे चाइनीज टूल्स एक्स- टूल्स कहते हैं। इसका इस्तेमाल गाड़ियों को खोलने के लिए किया जाता है।
द्वारका, जनकपुरी, प्रशांत विहार के मामले का खुलासा
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि इनकी गिरफ्तारी से द्वारका सेक्टर 23, द्वारका नॉर्थ, जनकपुरी और प्रशांत विहार थाने के कई वाहन चोरी के मामलों को खुलासा हुआ है। उपायुक्त अंकित सिंह के अनुसार यह सभी आरोपी दिल्ली के रोहिणी, हस्तसाल, उत्तम नगर के रहने वाले हैं।
आरोपी 5 से 7 मिनट के अंदर गाड़ी चोरी कर लेते थे
पुलिस टीम ने गाड़ी चोरी की वारदात वाली जगह पर लगे काफी संख्या में सीसीटीवी फुटेज को चेक किया तो चौकाने वाला खुलासा सामने आया। पता लगा कि आरोपी चोरी के लिए सुबह के समय ही आए। चोरी की गई अधिकतर गाड़ियां जिम के आसपास पार्क की हुई थी। यह लोग 5 से 7 मिनट के अंदर में गाड़ी खोलकर चोरी कर लेते थे। लैपटॉप आदि साथ में रखते थे और अपने मंसूबे के अंजाम देने में कामयाब हो जाते थे। गैंग का मास्टरमाइंड रवि उर्फ महेश उर्फ राजू है।
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ककरोला इलाके में ट्रैप लगाकर इनको पकड़ा गया
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने ककरोला इलाके में घेराबंदी की। यह तीनों पुलिस से बचने के लिए भागे, लेकिन पीछाकर करके पकड़ लिया गया। जिस क्रेटा गाड़ी से भाग रहे थे, उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगा रखी थी। जांच में वह क्रेटा गाड़ी प्रशांत विहार इलाके से चोरी की निकली। गाड़ी की जब तलाशी ली गई तो उसमें काफी मात्रा में टूल्स इत्यादि बरामद किए गए।
दिल्ली, हरियाणा और पंजाब से बरामद हुई गाड़ियां
टूल्स का इस्तेमाल कर आरोपी गाड़ी चोरी में करते थे। छानबीन में पता चला कि रवि उर्फ महेश 48 इसी तरह के मामलों में शामिल रहा है। वहीं मोनू पर 23 मामले चल रहे हैं, जबकि विशाल पर 14 मामले अलग-अलग थाना में दर्ज हैं। फिर इनकी निशानदेही पर दिल्ली, पंजाब के लुधियाना, राजपुरा, हरियाणा के सिरसा में छापा मारकर और गाड़ियां बरामद की गईं।
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हरियाणा और पंजाब से गाड़ियों की डिमांड मिलती थी
आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि इस गैंग को हरियाणा और पंजाब से गाड़ियों की डिमांड मिलती थी। उसी के आधार पर यह लोग दिल्ली से गाड़ी चोरी करके उनको वहां के रिसीवर को बेचते थे। पिछले 10 महीना के अंदर लगभग 100 कारें चोरी करके यह गैंग बेच चुका है। यह पता चला कि रवि और विशाल कार मैकेनिक है। इसलिए उन्हें कार के सिस्टम को ऑपरेट करने की पूरी जानकारी है। इसलिए उन्हें टूल्स के जरिए गाड़ी चोरी करने में आसानी होती थी।
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