स्थिर हवाओं के कारण दिल्ली एनसीआर के ऊपर छाई प्रदूषण की घनी चादर, इस दिन से हो सकता है सुधार
दिल्ली समेत आसपास के इलाकों में पिछले दो दिनों से हवाओं के शांत पड़ने से पूरे एनसीआर प्रदूषण की घनी चादर छाई हुई है। लगातार दूसरे दिन शनिवार को हवा बेहद खराब रही। हालांकि, शुक्रवार की तुलना में प्रदूषण स्तर में मामूली सुधार दर्ज किया गया है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि 11 दिसंबर से हवाओं की चाल बढ़ने से प्रदूषण स्तर में कमी आ सकती है। केंदीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार को दिल्ली की हवा प्रदूषित रही। गंभीर स्तर से बेहतर होते हुए वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद खराब स्तर पर पहुंच गया।
दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक आज 371 दर्ज किया गया, जबकि गाजियाबाद का सूचकांक 394, नोएडा का 388, ग्रेटर नोएडा का 366, गुरूग्राम का 362 व फरीदाबाद का 357 रहा। वहीं 24 घंटे पहले गुरूग्राम के अलावा एनसीआर के दूसरे शहरों की हवा गंभीर स्तर तक खराब थी।
सफर का कहना है कि दिल्ली-एसीआर में सतह पर चलने वाली हवाएं तकरीबन शांत हैं। इसकी गति 5 किमी प्रति घंटा के करीब बनी हुई है। अगले तीन दिन तक इसमें बढ़ोत्तरी होने की गुंजाइश नहीं है। इससे हवा की गुणवत्ता बेहद खराब और गंभीर स्तर की सीमा रेखा पर बनी रहेगी।
दस दिसंबर को इसमें थोड़ा सुधार आएगा, लेकिन हवा की गुणवत्ता बेहद खराब स्तर में बनी रहेगी। 11 दिसंबर से उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का असर रहेगा। इससे हवाओं की चाल तेज होगी और दिल्ली-एनसीआर का प्रदूषण छंट सकता है।
बीते छह दिनों से न्यूनतम तापमान एक अंक में
पहाड़ों की तरफ से दिल्ली पहुंचने वाली हवाओं मौसम को सर्द किए हुए हैं। बीते छह दिनों से रात का तापमान एक अंक में बना हुआ है। शनिवार को न्यूनतम तापमान 9.3 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड गया गया। यह सामान्य पर था। वहीं, दिन का अधिकतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस पर रहा।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि कम तापमान और नमी ज्यादा होने से अगले 24 घंटों में घना कुहरा रहेगा। प्रदूषण ज्यादा होने से इसके स्मॉग में बदलने की आशंका है। दूसरी तरफ आसमान पूरी तरह साफ रहेगा। 11 दिसंबर के बाद ठंड बढने का अनुमान मौसम विभाग लगा रहा है।