दिल्ली: नंद नगरी में तीन मंजिल का मकान जमींदोज, बुजुर्ग की मौत, तीन घायल
मलबे में दबकर पड़ोस में रहने वाले कांति शर्मा उर्फ पंडित (60) की मौत हो गई। हादसे में मकान मालिक दंपती समेत तीन बुजुर्ग जख्मी हो गए।
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उत्तर-पूर्वी दिल्ली के नंद नगरी इलाके में शनिवार दोपहर एक तीन मंजिला मकान जमींदोज हो गया। मलबे में दबकर पड़ोस में रहने वाले कांति शर्मा उर्फ पंडित (60) की मौत हो गई। हादसे में मकान मालिक दंपती समेत तीन बुजुर्ग जख्मी हो गए। स्थानीय लोगों ने पुलिस व दमकल विभाग को हादसे की सूचना देकर बचाव कार्य शुरू कर दिया। खबर मिलते ही पुलिस के अलावा दमकल विभाग, आबदा प्रबंधन, सिविल डिफेंस व एमसीडी की टीम मौके पर पहुंची।
घायलों को मलबे से निकालकर जीटीबी अस्पताल भेजा गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक बुजुर्ग अभी मलबे में दबे हैं। खबर लिखे जाने तक मलबा हटाकर उनकी तलाश जारी थी। नंद नगरी थाना पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुटी है। शुरूआती जांच के बाद पुलिस को पता चला है कि पिछले करीब एक सप्ताह से पुराने मकान में पिलर डालने का काम जारी थी, उसी दौरान मकान जमींदोज हो गया। नंद नगरी थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक हादसा दोपहर करीब 1.30 बजे नंद नगरी-ई-4/281 में हुआ। यहां करीब 25 गज के मकान में धनीराम (65) अपनी पत्नी अनारो देवी (64), दो बेटे राजू, धर्मवीर व एक बेटी बबीता के साथ रहते हैं। राजू के परिवार में पत्नी नीलम व दो बच्च हैं। वहीं धर्मवीर के परिवार में पत्नी पुष्पा व एक बेटा है। मकान के ग्राउंड फ्लोर पर दो दुकान बनी हैं। एक दुकान में राजकुमार (64) वेल्डिंग की दुकान चलाते हैं। दूसरी दुकान में धनीराम अपने बेटे राजू के साथ चक्की चलाते हैं।
धर्मवीर निजी कंपनी में नौकरी करता है। परिवार पहली और दूसरी मंजिल पर रहता है। पिछले एक सप्ताह से धनीराम अपने पुराने ही मकान में पिलर डलवाने का काम करवा रहा था। दोपहर के समय जैसे ही मजदूर खाना खाने गए अचानक मकान जमींदोज हो गया। हादसे के समय मकान में धनीराम, उसकी पत्नी अनारो और नीचे वेल्डिंग की दुकान में राजकुमार मौजूद थे। तीनों मलबे में दब गए।
पड़ोसियों ने बचाव दल को सूचना देने के बाद धनीराम को मलबे से निकाल लिया। इस बीच पुलिस व दमकल की छह गाड़ियां भी मौके पर पहुंच गईं। बाद में आबदा प्रबंधन की टीम, एमसीडी और सिविल डिफेंस की टीम भी मौके पर पहुंच गई। कुछ ही देर बाद मलबे से अनारो देवी और राजकुमार को भी निकालकर अस्पताल पहुंचा दिया गया। घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना था कि पड़ोस में रहने वाला कांतीप्रसाद (60) भी हादसे के बाद से गायब हैं। पुलिस प्रशासन व आपदा प्रबंधन की टीम उपकरणों की मदद से मलबे में किसी के और दबे होने का पता लगाने में जुटे थे। देर शाम तक मलबा हटाने का काम जारी था।
हादसे की आशंका हुई और इस तरह बच गई जान
हादसे से चंद मिनटों पहले धर्मवीर की पत्नी पुष्पा को अचानक कुछ आवाज सुनाई दी। उसे लगा कि शायद मकान में कुछ हरकत हो रही है। वह तुरंत अपने दस साल के बेटे विवेक को लेकर मकान से बाहर निकल गई। दूसरी मंजिल पर मौजूद अपनी सास अनारो देवी को उसने बाहर निकलने के लिए कहा।
लेकिन सास ने साड़ी बदलने के बाद आने की बात की। पुष्पा तो पास में अपने एक रिश्तेदार के घर चली गई। बाद में उसे मकान गिरने का पता चला। वह भागकर आई तो पता चला कि मजलबे में उसके सास और ससुर धनीराम दबे हैं। बाद में पुष्पा के सामने ही धनीराम और अनारो को मलबे से निकाला गया।
पुष्पा ने बताया कि घर में उसके जेठ राजू और उनका बेटा राहुल रहते हैं। राजू की पत्नी नीलम व उसकी बेटी भावना विवाद होने के बाद अपने मायके में रहती है। हादसे के समय राजू व राहुल किसी काम से बाहर गए थे। राजू की बहन बबीता भी किसी रिश्तेदार के यहां गई थी। वहीं धर्मवीर अपने ऑफिस गया हुआ था। इसे इत्तेफाक ही कहेंगे के कि जिस समय हादसा हुआ, यहां काम करने वाले चार मजदूर भी लंच टाइम में खाना खाने गए हुए थे।
1.30 बजे मकान भरभराकर गिर गया। पुष्पा ने बताया कि यदि घर के सभी लोग मकान में मौजूद होते तो शायद हादसा बड़ा हो सकता था। हादसे में मकान के बाहर बैठे कांती शर्मा उर्फ पंडित (60) उसकी चपेट में आकर मौत का शिकार हो गए। कांती परिवार के साथ ई-4/425 में रहते थे। इनके परिवार में एक बेटा व दो बेटी हैं।