JNU Violence: हिंसा के खिलाफ दिल्ली से लेकर मुंबई और कोलकाता तक बवाल
जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में रविवार को हुई हिंसा के बाद सोमवार को पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी और सोशल मीडिया को जांच का आधार बनाया जाएगा। वहीं एम्स में भर्ती सभी छात्रों को छुट्टी दे दी गई और केंद्रीय गृह मंत्रालय भी इस पूरे मामले पर नजर रखे हुए है। मुंबई-पुणे, कोलकाता समेत देश के कई हिस्सों में बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए। इसको लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। हर अपडेट यहां पढ़ें...
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मुंबई : प्रदर्शन में शामिल हुईं बॉलीवुड हस्तियां
Slew of prominent Bollywood personalities including directors Vishal Bhardwaj, Anurag Kashyap, Zoya Akhtar and actors Taapsee Pannu, Richa Chadha, Swara Bhaskar join protest against #JNUViolence at Mumbai's Carter Road
— Press Trust of India (@PTI_News) January 6, 2020
जेएनयू हिंसा के विरोध में मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया में छात्रों का प्रदर्शन, इस दौरान एक छात्रा के हाथ में फ्री कश्मीर का पोस्टर भी नजर आया।
#WATCH Mumbai: Poster reading, 'Free Kashmir' seen at Gateway of India, during protest against yesterday's violence at Delhi's Jawaharlal Nehru University. #Maharashtra pic.twitter.com/i7SeImYxCE
— ANI (@ANI) January 6, 2020
जेएनयू हिंसा के विरोध में भारतीय युवा कांग्रेस ने इंडिया गेट पर टॉर्च रैली निकाली।
Delhi: Indian Youth Congress members hold torch rally at India Gate against yesterday's violence at Jawaharlal Nehru University. pic.twitter.com/oLlyNd3nVu
— ANI (@ANI) January 6, 2020
दिल्ली पुलिस के पीआरओ एमएस रंधावा ने जेएनयू हिंसा मामले में कहा कि दो गुटों में झगड़ा हुआ था लेकिन हालात काबू में है। जांच के लिए एक समिति बनाई गई है। हमें कुछ महत्वपूर्व सुराग भी मिले हैं। हम कोशिश कर रहे हैं कि मामला जल्दी सुलझ जाए। उन्होंने कहा कि एफआईआर दर्ज की गई है। 34 लोग घायल हुए हैं जिन्हें उपचार के बाद एम्स के ट्रामा सेंटर से छुट्टी दे दी गई है।
मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया ने संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों की सुरक्षा में “बार-बार विफल रहने पर” सोमवार को दिल्ली पुलिस की आलोचना की। संस्था के अखिल भारतीय कार्यकारी निदेशक अविनाश कुमार ने एक बयान में कहा कि दिल्ली पुलिस छात्रों पर भीड़ के बर्बर हमले की शर्मनाक मूकदर्शक बनी रही। उन्होंने कहा कि प्राधिकारी छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के अपने कर्तव्य में विफल रहे, यह सरकारी मशीनरी के साथ शर्मनाक सहअपराध का संकेत दे रहा है।
जवाहर लाल नेहरू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष ने सोमवार को आरोप लगाया कि परिसर पर हुआ हमला संगठित था। घोष ने कहा कि यह संगठित हमला था। वे लोगों को छांट-छांट कर उन पर हमला कर रहे थे। जेएनयू सुरक्षा और तोड़फोड़ करने वालों के बीच पक्का कोई साठगांठ थी। उन्होंने हिंसा रोकने के लिए हस्तक्षेप नहीं किया।
उन्होंने कहा कि पिछले चार-पांच दिन से आरएसएस से जुड़े कुछ प्रोफेसर हिंसा को बढ़ावा दे रहे थे ताकि हमारे आंदोलन को तोड़ा जा सके। क्या जेएनयू और दिल्ली पुलिस से सुरक्षा मांग कर हम कोई गलती कर रहे हैं?
भाजपा के सहयोगी दल जदयू ने सोमवार को जेएनयू के कुलपति को हटाने की और रविवार रात को हुई हिंसा के मामले में उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश से जांच कराने की मांग की। जदयू प्रवक्ता के सी त्यागी ने एक बयान में कहा कि उनकी पार्टी जेएनयू परिसर में गुंडा तत्वों की हिंसक गतिविधियों की कड़ी निंदा करती है और नकाबपोश बाहरी तत्वों ने जिस तरीके से जेएनयू छात्र संघ के निर्वाचित पदाधिकारियों पर हमला किया, उसकी समाज के सभी वर्गों को निंदा करनी चाहिए।
सुरक्षाकर्मियों और उपद्रवियों के बीच सांठगांठ से किया गया हमला: आइशी घोष
जेएनयू में रविवार की हिंसा पर आइशी घोष ने कहा कि पिछले 4-5 दिनों से आरएसएस से जुड़े कुछ प्रोफेसर हमारे आंदोलन को दबाने के लिए हिंसा को भड़का रहे थे। यह एक संगठित हमला था, वे लोगों को चुन-चुनकर बाहर निकाल रहे थे और उन पर हमला कर रहे थे। जेएनयू के सुरक्षा कर्मियों और उपद्रवियों के बीच सांठगांठ है, उन्होंने हिंसा रोकने के लिए हस्तक्षेप नहीं किया।Jawaharlal Nehru University Student Union (JNUSU) President Aishe Ghosh: Yesterday's attack was an organised attack by goons of RSS and ABVP. Since past 4-5 days violence was being promoted in the campus by some RSS affiliated professors and ABVP. #Delhi pic.twitter.com/MY6kmB7DsU
— ANI (@ANI) January 6, 2020
कुलपति को तत्काल हटाने की मांग
जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष आइशी घोष ने तत्काल प्रभाव से कुलपति को हटाने की भी मांग की है।
Jawaharlal Nehru University Student Union (JNUSU) President Aishe Ghosh on yesterday's #JNUViolence: We condemn it and we want the immediate removal of the Vice Chancellor. pic.twitter.com/nMjHYTgvKw
— ANI (@ANI) January 6, 2020
विश्वविद्यालयों को राजनीति का 'अड्डा' नहीं बनने देंगे: मानव संसाधन विकास मंत्री
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा के लिए हैं और इन्हें कभी भी राजनीतिक आधार नहीं बनाना चाहिए। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विश्वविद्यालयों को राजनीति का 'अड्डा' कभी नहीं बनने देंगे।Union Minister of Human Resource Development, Dr Ramesh Pokhriyal: Universities are meant for education and should never be made a political base. Action will be taken against those who will be found guilty. Will never let universities become "adda" for politics. #JNUViolence pic.twitter.com/Zrn4Xx1qOW
— ANI (@ANI) January 6, 2020
जेएनयू हिंसा पर अभिनेता अनिल कपूर बोले मैं पूरी रात सो नहीं सका
जेएनयू हिंसा पर अभिनेता अनिल कपूर ने कहा कि यह घटना निंदनीय है। काफी दुखद और चौंकाने वाला है। जो मैंने देखा, वह बहुत परेशान करने वाला था। मैं इसके बारे में सोचकर पूरी रात सो नहीं सका। हिंसा से हमें कुछ हासिल नहीं होगा, जिन्होंने ये किया है उन्हें सजा मिलनी चाहिए।Bollywood actor Anil Kapoor on #JNUViolence: It has to be condemned. It was quite sad & shocking what I saw, it was very disturbing. I could not sleep the whole night thinking about it. Violence is not going to get us anything and those who have done it should be punished. pic.twitter.com/YHAWWnzKid
— ANI (@ANI) January 6, 2020