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उत्पीड़न मामले के आरोपी को दिल्ली हाईकोर्ट ने दी जमानत, 50 पेड़ लगाने के दिए आदेश
Mon, 18 Feb 2019 04:05 PM IST
दुष्यंत शर्मा
भाषा, नई दिल्ली
भाषा, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 18 Feb 2019 04:05 PM IST
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- फोटो : PTI
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दिल्ली उच्च न्यायालय ने उत्पीड़न मामले के एक आरोपी को अग्रिम जमानत देते हुए यहां एक सरकारी स्कूल में 50 पेड़ लगाने का फरमान जारी किया है।
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न्यायमूर्ति सुनील गौड़ ने कहा कि स्कूल के प्रधानाचार्य को सुनिश्चित करना होगा कि पौधारोपण का काम हो और जांच अधिकारी को अदालत में अनुपालन संबंधी रिपोर्ट दायर करनी होगी।
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आरोपी शख्स ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत दर्ज उत्पीड़न, गलत तरीके से रास्ता रोकने एवं शरारत के आपराधिक मामले में अग्रिम जमानत मांगने के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया था। इसी मामले में सह-आरोपी को निचली अदालत से जमानत मिल चुकी है। इसी को आधार बनाकर उसने अपने लिए भी अग्रिम जमानत मांगी।
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इस संबंध में पिछले साल कनॉट प्लेस पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अदालत ने गौर किया कि शख्स ने पूर्वी दिल्ली के चंद्र नगर के एक सरकारी स्कूल के पास दो हफ्ते के भीतर स्वयं ‘नीम’ के 25 और ‘पीपल’ के 25 पेड़ लगाने की पेशकश अपने वकील के जरिए अदालत में रखी।
साथ ही अदालत ने यह भी साफ किया कि गिरफ्तारी से पहले मिली जमानत की छूट का गलत फायदा उठाने या सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने पर राज्य के पास इस आदेश को रद्द करने की स्वतंत्रता होगी।
अदालत ने कहा कि वह मामले के गुण-दोष पर कुछ नहीं कह रही है। साथ ही उसने 17 दिसंबर, 2018 के अंतरिम आदेश को स्थायी कर दिया जिससे व्यक्ति की गिरफ्तारी पर रोक लगाई गई थी।
साथ ही अदालत ने यह भी साफ किया कि गिरफ्तारी से पहले मिली जमानत की छूट का गलत फायदा उठाने या सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने पर राज्य के पास इस आदेश को रद्द करने की स्वतंत्रता होगी।
अदालत ने कहा कि वह मामले के गुण-दोष पर कुछ नहीं कह रही है। साथ ही उसने 17 दिसंबर, 2018 के अंतरिम आदेश को स्थायी कर दिया जिससे व्यक्ति की गिरफ्तारी पर रोक लगाई गई थी।