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सरकार खाना, नौकरी नहीं दे सकती तो भीख मांगना अपराध कैसे: दिल्ली हाईकोर्ट

Fri, 18 May 2018 12:10 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 18 May 2018 12:10 PM IST
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Delhi HC says Begging is no crime if government cant give food
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा, 'अगर सरकार देश में भोजन या नौकरियां देने में असमर्थ है तो भीख मांगना अपराध कैसे हो सकता है।' कोर्ट उन जनहित याचिकाओं की सुनवाई कर रही थी, जिनमें भीख मांगने को अपराध की श्रेणी से बाहर करने का आग्रह किया गया था।
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ऐक्टिंग चीफ जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस सी. हरि शंकर की बेंच ने कहा कि एक व्यक्ति केवल अपनी जरूरतों के कारण भीख मांगता है न कि उसे ये करना पसंद होता है।
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बेंच ने कहा, 'अगर कोई हमसे एक करोड़ रुपये की पेशकश की जाए तो क्या तब आप या हम भीख नहीं मांगेंगे। यह लोगों के जरूरत के अनुसार होती है कुछ लोग भोजन के लिए अपना हाथ पसारते हैं। एक देश में सरकार भोजन या नौकरियां देने में असमर्थ है तो भीख मांगना अपराध कैसे है।' 
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Delhi HC says Begging is no crime if government cant give food

केंद्र सरकार ने इससे पहले कोर्ट में कहा था कि यदि गरीबी के कारण ऐसा किया गया है तो भीख मांगना अपराध नहीं होना चाहिए। भीख मांगने को अपराध की श्रेणी से बाहर नहीं किया जाएगा। 

हर्ष मेंदार और कर्णिका की ओर से दायर जनहित याचिका में भीख मांगने को अपराध की श्रेणी से बाहर करने के अलावा राष्ट्रीय राजधानी में भिखारियों को आधारभूत मानवीय और मौलिक अधिकार देने का आग्रह किया गया था। 

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