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गुरुद्वारा का को-ऑप्ट चुनाव हुआ दिलचस्प, 9 सितंबर को होगा फैसला
Mon, 06 Sep 2021 01:27 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Mon, 06 Sep 2021 01:27 PM IST
सार
शिअदद प्रधान सरना और जागो के परमिंदर पाल की उम्मीदवारी ने इसे रोचक बना दिया है। ना तो सरना गुट के पास जीतने के लिए पर्याप्ट सदस्य और ना ही जागो के पास।
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दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी
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विस्तार
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की 2 सीटों के लिए को-ऑप्ट चुनाव दिलचस्प हो गया है। 9 सितंबर को होने वाले चुनाव के लिए आधा दर्जन प्रत्याशी मैदान में है। शिअदद के प्रधान सरना और जागो के परमिंदर पाल की उम्मीदवारी ने इस चुनाव को बनाया रोचक को-आप्ट सदस्यता के लिए पर्चा भरने वालों में से 4 प्रत्याशी शिरोमणि अकाली दल (बादल), 1 प्रत्याशी शिरोमणि अकाली दल (दिल्ली) व एक जागो पार्टी से है।
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बादल दल की तरफ से विक्रम सिंह रोहिणी, सिख फोरम से जुड़े आरएस अहूजा, दिल्ली कमेटी के पूर्व लीगल सेल के चेयरमैन जसविंदर सिंह जौली व सतपाल सिंह चन्न ने को-आप्ट सदस्यता के लिए पर्चा भरा है। जबकि शिरोमणि अकाली दल दिल्ली (शिअदद) के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने खुद ही इस तरह से सदस्यता हासिल करने के लिए पर्चा भरा है। अंतिम समय में जागो पार्टी की तरफ से राष्ट्रीय महासचिव परमिंदर पाल सिंह के पर्चा भरने से यह चुनाव अब रोचक हो गया है।
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उल्लेखनीय हैकि कोऑप्ट की एक सीट के लिए गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी वार्ड में चुने हुए 16 सदस्यों की जरूरत होती। यानी 16 सदस्य मिलकर एक सदस्य को चुनते है। गुरुद्वारा नियमों के अनुसार दो सदस्य को को-आप्ट तरीके से चुना जाता है। जीते हुए सदस्यों की बात करें तो शिरोमणि अकाली दल बादल गुट के पक्ष में 28 सदस्या है। सरना दल के पास 15 सदस्य और जागो पार्टी के समर्थन में 3 सदस्य हैं।
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लिहाजा परमजीत सिंह सरना को भी जीतने के लिए एक सदस्य की आवश्यकता होगी। पहले यह माना जाता था कि जागो का समर्थन सरना गुट को है, लेकिन अब जागो पार्टी ने खुद दावेदारी पेश कर दी है इससे सरना को भी इस तरह से सदस्यता पाने में कठिनाई आएगी। सरना को भी एक सीट जीतने के लिए जागों के तीन सदस्यों की आवश्यकता होगी। चुनाव में किस उम्मीदवार की जीत होगी यह फिलहाल नहीं कहा जा सकता। लेकिन समीकरण यह बता रहे है कि यह चुनाव काफी रोचक होने वाला है। जागो पार्टी की दावेदारी से सरना के लिए मुश्किल साबित हो सकती है।
दिल्ली गुरूद्वारा चुनाव मामलों के जानकार इन्द्र मोहन सिंह ने बताया कि दिल्ली गुरुद्रारा कमेटी पर काबिज होने के लिए विजयी धड़े को 26 सदस्यों की आवययकता होगी। बादल धड़े के पास मौजूदा 27 सदस्य है। सरना धड़े तथा उसके सहयोगी पार्टीयों के पास 19 विजयी सदस्य है।
इस प्रकार बादल धड़े के 27 सदस्यों के अतिरिक्त शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का एक सदस्य तथा को-आप्ट किए गए एक सदस्य समेत यह संख्या 29 हो जाती है, जो कमेटी पर काबिज होने के नियम से कही अधिक है। 9 सिंतबर 2021 को लाटरी में से निकलने वाले 2 सिंह सभा गुरुद्रारों के प्रधानों का रुझान इन पार्टीयों की संख्या को बदल सकता है। हालांकि सरना धड़े से एक सदस्य के हाल ही में बादल धड़े में चले जाने के कारण बादल धड़े के विजयी सदस्यों की संख्या 30 तक पहुंच जाएगी।