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किन-किन कामों को करने में नाकाम हुई केजरीवाल सरकार, खुद रिपोर्ट में किया खुलासा

Sat, 08 Jun 2019 12:37 PM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 08 Jun 2019 12:37 PM IST
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delhi govt. lacks behind in seting mohalla clinics says outcome budget report
केजरीवाल और सिसोदिया - फोटो : अमर उजाला

दिल्ली सरकार मोहल्ला क्लीनिक बनाने के अपना लक्ष्य हासिल करने में नाकाम रही है। वहीं, वाई फाई का प्रोजेक्ट भी काफी पीछे चल रहा है। जबकि ई-बसें लाने की योजना में एक साल देरी है। हालांकि, शिक्षा विभाग के ज्यादातर सूचकांक बेहतर तस्वीर दिखाते हैं। दिल्ली सरकार की आउटकम बजट रिपोर्ट में इन आंकड़ों का खुलासा हुआ है। आगे जानिए और किन प्रोजेक्ट को पूरा नहीं कर सकी दिल्ली सरकार...

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mohalla clinic

रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली सरकार अपने कई महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का तयशुदा समय में लागू करने में नाकाम रही है। इसमें सबसे बुरा हाल मोहल्ला क्लीनिक का है। 2018-19 के बजट में 530 मोहल्ला क्लीनिक बनाने का लक्ष्य था, लेकिन सिर्फ 191 मोहल्ला क्लीनिक ही बनाए जा सके। हालांकि, इसकी वजह उपराज्यपाल के साथ दिल्ली सरकार के इस योजना पर चले विवाद को बताया जा रहा है।

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डेमो - फोटो : डेमो

दूसरी तरफ सत्ता हासिल करने के बाद सरकार ने जल्द से जल्द वाई-फाई लगवाने का वादा किया था, लेकिन साढ़े चार साल बीत जाने के बाद अभी पायलेट प्रोजेक्ट तक नहीं शुरू हो सका है। आउटकम बजट में कहा गया है कि सितंबर 2019 में पायलेट प्रोजेक्ट के टेंडर मंगाया जाएगा। सितंबर 2020 में वाई फाई प्रोजेक्ट शुरू हो जाएगा। 

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वहीं, ई-बस और ई-पॉलिसी लाने में भी देरी हुई है। लैंडस्केपिंग योजना भी सिरे नहीं चढ़ पाई है। प्रोजेक्ट जून 2018 में पूरा होना था, लेकिन अब इसका समय दिसंबर 2019 तय किया गया है।

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हालांकि, शिक्षा विभाग के सूचकांक बेहतर हैं। राष्ट्रीय खेलों में 4,000 बच्चों की भागीदारी तय करने का लक्ष्य 2018-19 में था। तयशुदा लक्ष्य से आगे बढ़ते हुए विभाग ने 4,194 बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित की है। 2019-20 के लिए भी सरकार ने 4, 000 बच्चों का लक्ष्य रखा है। दूसरी तरफ स्कूलों में पीटीएम करवाने, प्राइमरी सेक्शन के लिए लाइब्रेरी की सुविधा सुनिश्चित करने, स्कूल प्रबंधन जैसे सूचकांक भी तकरीबन हासिल कर लिए गए हैं।

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