{"_id":"41ecda2f1d37833501b23f902b2ad2a3","slug":"delhi-government-fined-2-lakh-rupees","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली सरकार पर लगा दो लाख का जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली सरकार पर लगा दो लाख का जुर्माना
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 23 May 2014 02:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अदालत के आदेश के बावजूद बच्चों और महिलाओं के प्रति यौन शोषण कानून में हुए संशोधन के प्रति आम लोगों के लिए जागरूकता अभियान शुरू न करने पर हाईकोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को कड़ी फटकार लगाई है।
विज्ञापन
यही नहीं, अदालत ने दिल्ली सरकार पर दो लाख रुपये जुर्माना भी ठोका। न्यायमूर्ति कैलाश गंभीर और सुनीता गुप्ता की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई के दौरान उपराज्यपाल और दिल्ली सरकार का कोई भी प्रतिनिधि पेश नहीं हुआ।
विज्ञापन
इस पर खंडपीठ ने कहा कि यह काफी हैरानी की बात है कि पिछली सुनवाई में सरकार को स्पष्ट आदेश दिया गया था कि अब तक चलाए गए अभियान और अन्य जानकारी की रिपोर्ट पेश करे, लेकिन रिपोर्ट करना तो दूर उपराज्यपाल और सरकार की तरफ से कोई वकील तक पेश नहीं हुआ।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: मोदी के आते ही बदलने लगी दिल्ली की राजनीति
अदालत ने सरकार के रवैये को देखकर दो लाख रुपये जुर्माना करते हुए यह राशि एक सप्ताह में निर्भया फंड में जमा करवाने का निर्देश दिया है।
मंत्री को फोकस करने पर नाराजगी
खंडपीठ ने महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय द्वारा पेश रिपोर्ट पर असंतोष जताया। खंडपीठ ने कहा कि विज्ञापन में संबंधित मंत्री को फोकस किया गया है न कि अभियान को। इस तरह के विज्ञापन के जरिए मंत्री को व्यक्तिगत फायदा उठाने की इजाजत नहीं दी जा सकती। खंडपीठ ने मामले की सुनवाई 25 जुलाई तय करते हुए केंद्र और दिल्ली सरकार को विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।