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तैयारी: कोरोना की तीसरी लहर से निपटेगी दिल्ली सरकार, बच्चों के लिए बनेगी स्पेशल टास्क फोर्स
Wed, 19 May 2021 03:24 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Wed, 19 May 2021 03:24 PM IST
सार
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उच्च स्तरीय बैठक कर विशेष टास्क फोर्स व अधिकारियों की कमेटी बनाने का फैसला किया है। बच्चों पर पड़ने वाले असर व उससे निपटने के विकल्पों पर इसके तहत काम होगा। अस्पतालों में बेड्स, ऑक्सीजन और दवाओं का पहले से ही प्रबंध करना होगा।
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल
- फोटो : ANI
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विस्तार
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अधिकारियों को आगाह किया है कि अगर कोरोना की तीसरी लहर आती है, तो उससे लड़ने के लिए हमें पहले से ही तैयार रहना है। तीसरी लहर से बच्चों को बचाने के लिए विशेष टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। अस्पतालों में बेड्स, ऑक्सीजन और दवाओं का पहले से ही प्रबंध करने के लिए अधिकारियों की एक कमेटी बनेगी।
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अस्पतालों में ऑक्सीजन की आपूर्ति और उसकी उपलब्धता को लेकर प्राथमिकता के आधार पर काम होगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि दिल्ली में लगाए जा रहे सभी ऑक्सीजन के प्लांट्स को समय से पूरा किया जाए। साथ ही भंडारण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।
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मुख्यमंत्री ने यह बातें कोरोना की संभावित तीसरी लहर की तैयारियों के मद्देनजर दिल्ली सचिवालय में हुई उच्च स्तरीय बैठक के दौरान की। इस मौके पर केजरीवाल ने तैयारियों को लेकर अहम दिशा-निर्देश दिए। बैठक में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत मुख्य सचिव व स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने उच्च स्तरीय बैठक में विचार किया कि अगर कोरोना की तीसरी लहर आती है तो उसका मुकाबला कैसे किया जाएगा? इस दौरान दिल्ली में अधिकतम कितने केस आने की संभावना है और उसके लिए कितने बेड की आवश्यकता पड़ेगी? अधिकारियों ने बताया कि कि तीसरी लहर के दौरान करीब 40 हजार बेड्स की जरूरत पड़ सकती है। इसके लिए पहले से तैयारी रखनी पड़ेगी। इन 40 हजार बेड्स में से करीब 10 हजार आईसीयू बेड्स होने चाहिए।
मौजूदा हालात को देखते हुए बैठक में फैसला लिया गया कि तीसरी लहर से निपटने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स गठित होगी। इसमें वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के अलावा अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। टास्क फोर्स बच्चों के ऊपर कोरोना के पड़ने वाले असर व उसके रोकथाम के विकल्पों पर काम करेगी। इसके साथ ऑक्सीजन और दवाओं का पहले से ही प्रबंध करना होगा।
ऑक्सीजन की आपूर्ति और उसकी उपलब्धता प्राथमिकता रहेगी। इस बात पर बल दिया गया कि किसी भी हालत में ऑक्सीजन की कालाबाजारी न होने पाए। कालाबाजारी को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे, ताकि जरूरतमंद लोगों को आसानी से उपलब्ध हो सके। इस पर निगरानी रखने के लिए अधिकारियों की एक कमेटी बनाई जाएगी।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बड़े पैमाने पर बेड बढ़ाने से ऑक्सीजन की भी जरूरत पड़ेगी। इसके लिए भी तैयार रहना है, जिससे एकाएक पैदा हुई ऑक्सीजन की मांग पूरी हो सके। इसके लिए दिल्ली सरकार पहले से ही ऑक्सीजन टैंकर व ऑक्सीजन सिलिंडर भी खरीदेगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि विभिन्न अस्पतालों में जो ऑक्सीजन के प्लांट लगाए जा रहे हैं, उनको भी समय पर पूरा किया जाए।