फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Delhi finish the assembly, UT.

केजरी के दावे में है दम, दो बार हो चुका है ऐसा

Sun, 02 Nov 2014 08:52 AM IST
Updated Sun, 02 Nov 2014 08:52 AM IST
विज्ञापन
Delhi finish the assembly, UT.

आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल के दिल्ली में विधानसभा व्यवस्था खत्म करके पूरी तरह केंद्र शासित राज्य बनाने के आरोप में दम दिखाई दे रहा है। दरअसल, केंद्र सरकार इस तरह दो बार कदम उठा चुकी है।

विज्ञापन


सबसे पहले इसकी शुरुआत वर्ष 1956 में हुई थी जबकि कांग्रेस की केंद्र सरकार ने दिल्ली विधानसभा भंग करने के साथ-साथ विधानसभा की व्यवस्था खत्म की थी, जबकि विधानसभा सभा के स्थान पर बनी महानगर परिषद को केंद्र सरकार ने 1990 में भंग करके उसका अस्तित्व खत्म किया था।
विज्ञापन


देश के तमाम राज्यों की भांति 1952 में केंद्र शासित प्रदेश होने के बावजूद दिल्ली में विधानसभा की व्यवस्था की गई थी। इस दौरान हुए चुनाव में कांग्रेस को बहुमत मिला था और कांग्रेस नेता चौधरी बह्म प्रकाश मात्र 34 साल की उम्र में दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री बने थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


मगर दिल्ली में उनके बढ़ते राजनीतिक कद और हर मामले में केंद्र से टकराव करने के चलते प्रधानमंत्री व कांग्रेस अध्यक्ष पंडित जवाहर लाल नेहरू ने 1956 में पहले तो उनको मुख्यमंत्री पद से हटाया। उसके कुछ दिन बाद विधानसभा भंग करने के साथ-साथ उसकी व्यवस्था भी खत्म कर दी।

दिल्ली की वो कहानियां

Delhi finish the assembly, UT.

करीब 11 वर्ष बाद केंद्र सरकार ने 1967 में विधानसभा के स्थान पर महानगर परिषद की स्थापना की। 1990 में केंद्र की जनता दल सरकार ने महानगर परिषद को भंग कर दिया। जबकि 1991 में कांग्रेस के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने महानगर परिषद का अस्तित्व खत्म करके विधानसभा की व्यवस्था करने का फैसला किया।

1993 में विधानसभा का एक्ट बनने के बाद एक बार विधानसभा अस्तित्व में आई। तब से अभी तक विधानसभा के पांच चुनाव हो चुके हैं। पहली बार भाजपा को बहुमत मिला उसके बाद लगातार तीन बार कांग्रेस ने जीत हासिल की। गत वर्ष हुए चुनाव में किसी भी दल को बहुमत नहीं मिला। इस कारण अब विधानसभा निलंबित है।

पहली बार विधानसभा और दूसरी बार महानगर परिषद का अस्तित्व खत्म होने के बाद दिल्ली की सत्ता पर केंद्र सरकार का कब्जा हो गया था। केंद्र सरकार ने उपराज्यपाल के माध्यम से दिल्ली का शासन चलाया था। खास बात यह है कि पहली बार शुरुआत के दो साल तक नगर निगम भी नहीं थी। वहीं, दूसरी बार महानगर परिषद के भंग होने से लेकर विधानसभा के गठन होने तक नगर निगम भी भंग रही थी।

इसके चलते जनता को कामकाज और समस्याओं के निवारण के लिए भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा था। समस्त भार सांसदों के कंधों पर आ गया था। इसके चलते सांसदों के समक्ष भी दिक्कत पैदा हो गई थी। इस संबंध में उस समय सांसद रहे नेता सार्वजनिक तौर पर अपना दुखड़ा बता चुके हैं। उन्हें अगले चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा था।

भाजपा पर आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप

Delhi finish the assembly, UT.

प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा पर चुनाव आचार संहिता तोड़ने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि भाजपा उपचुनाव में सत्ता का दुरुपयोग कर रही है। पार्टी ने भाजपा सांसद महेश गिरी पर आरोप लगाया है कि आचार संहिता लागू होने के बाद उन्होंने ओखला विधानसभा क्षेत्र के मदनपुर खादर फेज दो एवं तीन में स्कूल का शिलान्यास किया है।

इस बाबत पार्टी ने दक्षिण जिले में सरकारी स्कूल के शिलान्यास के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्यवाई की मांग की है। राजीव भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि भाजपा सांसद महेश गिरी ने स्कूल का शिलान्यास कर अचार संहिता का खुला उल्लंघन किया है।

भाजपा राजनैतिक लाभ के लिए सारे नियम तोड़कर सत्ता का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने उपशिक्षा निदेशक के हवाले से छपे सरकारी कार्ड की प्रति भी मीडिया को उपलब्ध कराई। उपराज्यपाल अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वाहन बिना किसी दबाव के करें।

कांग्रेस विधायक हारून यूसुफ ने कहा कि राजधानी में सरकार के गठन को लेकर राजनिवास अपने संवैधानिक दायित्वों का जिम्मेदारी से निर्वाहन नहीं कर रहा है। भाजपा चुनाव को टालने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रही है। कांग्रेस पार्टी राजधानी में अल्पमत की किसी भी सरकार को समर्थन नही देगी।

आम आदमी पार्टी को कांग्रेस कभी भी न समर्थन देगी और न समर्थन लेगी। राजधानी में चुनाव एकमात्र विकल्प हैं। लिहाजा विधानसभा को भंग करके मध्यावधि चुनाव होने चाहिए।   

कांग्रेस पार्टी के मुख्य प्रवक्ता मुकेश शर्मा ने कहा कि दिल्ली में तीनों सीट के उपचुनाव में कांग्रेस बेहतर प्रदर्शन करेगी। चुनाव परिणाम भाजपा व आम आदमी पार्टी के लिए सबक सिखाने वाले होंगे।

धरना दिया
आचार संहिता उल्लंघन के आरोप को लेकर कांग्रेस विधायक आसिफ मोहम्मद खान ने राज निवास पर धरना दिया। उनका कहना था कि निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के मना करने के बाद भी सत्ता के नशे में चूर भाजपा सांसद ने स्कूल का शिलान्यास किया है। लिहाजा इस मामले में आयोग को प्राथमिकी दर्ज करनी चाहिए।

स्वागत किया
इस मौके पर निगम पार्षद बंसीलाल के कांग्रेस पार्टी में वापसी का सभी नेताओं ने स्वागत किया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बंसीलाल की वापसी से कृष्णा नगर विधानसभा क्षेत्र में पार्टी को लाभ मिलेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed