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दिल्ली में 66 फीसदी महंगी होगी बिजली!
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 18 Feb 2014 12:48 PM IST
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बिजली वितरण कंपनी टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) का कहना है कि गैस के दाम बढ़े तो गैस प्लांट से मिलने वाली बिजली की कीमत में 66 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो सकती है। कंपनी की बात से अरविंद केजरीवाल के महंगाई बढ़ने की आशंका को और बल मिल गया है।
दिल्ली को गैस आधारित पावर प्लांट से 1255 मेगावाट बिजली मिलती है। दिल्ली सरकार के अतिरिक्त सचिव (ऊर्जा) को लिखे गए पत्र में कंपनी ने कहा है कि गैस की कीमत बढ़ने के बाद प्रति यूनिट बिजली 5.34 रुपये से 6.20 रुपये के बीच मिलेगी, जबकि अभी गैस प्रति यूनिट 3.49 से लेकर 4.15 रुपये में मिलती है।
पढ़ें: बिजली बिलों ने कमला नेहरू नगर में कराया हंगामा
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कंपनी ने सरकार से आग्रह किया है कि कई बार दिल्ली को समझौते से कम बिजली की जरूरत होती है। लेकिन समझौते के चलते उन्हें बिजली की पूरी कीमत चुकानी पड़ती है। ऐसे मौकों पर दूसरे राज्य अगर उन प्लांटों से बिजली खरीद लें तो दिल्ली की कंपनियों पर बोझ कम हो जाएगा।
उपराज्यपाल ने शुरू की बैटिंग
दिल्ली की सत्ता संभालते ही उपराज्यपाल एक्शन मोड में आ गए हैं। उन्होंने मंगलवार को सभी विभाग प्रमुखों की बैठक बुलाई है। उसमें केजरीवाल सरकार के फैसलों की समीक्षा की जा सकती है। सरकार की व्यवस्था से जुड़े अधिकारी बताते हैं कि सरकारी कामकाज को प्रभावी ढंग से चलाने के लिए पूर्व आईएएस अधिकारी समेत विशेषज्ञ लोगों की टीम को उपराज्यपाल सलाहकार के तौर पर नियुक्त कर सकते हैं।
पढ़ें: बिजली के जैसा एक बटन आपके शरीर में भी है
दिल्ली में राष्ट्रपति शासन
कैबिनेट की सिफारिश के आधार पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दिल्ली में राष्ट्रपति शासन को औपचारिक तौर पर मंजूरी दे दी है। अगले फैसले तक दिल्ली विधानसभा निलंबित रहेगी। राष्ट्रपति के इस फैसले को अभी संसद के दोनों सदनों की मंजूरी दिलवाना होगा।
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दिल्ली को गैस आधारित पावर प्लांट से 1255 मेगावाट बिजली मिलती है। दिल्ली सरकार के अतिरिक्त सचिव (ऊर्जा) को लिखे गए पत्र में कंपनी ने कहा है कि गैस की कीमत बढ़ने के बाद प्रति यूनिट बिजली 5.34 रुपये से 6.20 रुपये के बीच मिलेगी, जबकि अभी गैस प्रति यूनिट 3.49 से लेकर 4.15 रुपये में मिलती है।
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कंपनी ने सरकार से आग्रह किया है कि कई बार दिल्ली को समझौते से कम बिजली की जरूरत होती है। लेकिन समझौते के चलते उन्हें बिजली की पूरी कीमत चुकानी पड़ती है। ऐसे मौकों पर दूसरे राज्य अगर उन प्लांटों से बिजली खरीद लें तो दिल्ली की कंपनियों पर बोझ कम हो जाएगा।
उपराज्यपाल ने शुरू की बैटिंग
दिल्ली की सत्ता संभालते ही उपराज्यपाल एक्शन मोड में आ गए हैं। उन्होंने मंगलवार को सभी विभाग प्रमुखों की बैठक बुलाई है। उसमें केजरीवाल सरकार के फैसलों की समीक्षा की जा सकती है। सरकार की व्यवस्था से जुड़े अधिकारी बताते हैं कि सरकारी कामकाज को प्रभावी ढंग से चलाने के लिए पूर्व आईएएस अधिकारी समेत विशेषज्ञ लोगों की टीम को उपराज्यपाल सलाहकार के तौर पर नियुक्त कर सकते हैं।
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दिल्ली में राष्ट्रपति शासन
कैबिनेट की सिफारिश के आधार पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दिल्ली में राष्ट्रपति शासन को औपचारिक तौर पर मंजूरी दे दी है। अगले फैसले तक दिल्ली विधानसभा निलंबित रहेगी। राष्ट्रपति के इस फैसले को अभी संसद के दोनों सदनों की मंजूरी दिलवाना होगा।