चुनाव नतीजे चाहे जो आएं, हार जाएंगे ये तीन पूर्व मंत्री
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दिल्ली विधानसभा चुनावी दंगल के 673 प्रत्याशियों का भविष्य ईवीएम में बंद है। 10 फरवरी को परिणाम चाहे जो आएं, लेकिन तीन पूर्व मंत्री हारेंगे।
नई दिल्ली, सुल्तानपुरी और मालवीय नगर में मुकाबला तीन-तीन पूर्व मंत्रियों के बीच है। भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के मिलाकर 16 पूर्व मंत्री व तीन पूर्व विधानसभा अध्यक्षों की किस्मत के मंगल या अमंगल का फैसला मंगलवार को सामने आएगा।
नई दिल्ली सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सामने पूर्व मंत्री प्रो. किरण वालिया मैदान में हैं, तो भाजपा की नुपुर शर्मा ने भी भाग्य आजमाया है। दूसरी हॉट सीट मालवीय नगर है, जहां से पूर्व मंत्री सोमनाथ भारती और डॉ. योगानंद शास्त्री आमने-सामने हैं।
जबकि तीसरी सीट मंगोलपुरी की है। यहां आम आदमी पार्टी कार्यकाल में मंत्री रहीं राखी बिड़लान और कांग्रेस कार्यकाल में मंत्री रहे राजकुमार चौहान में से एक ही चुनकर विधानसभा पहुंचेंगे। हालांकि यहां भाजपा के सुरजीत तीसरे प्रत्याशी हैं।
इनकी किस्मत है दांव पर
दिल्ली विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष एसएस धीर, सुभाष चोपड़ा और चौधरी प्रेम सिंह भी इस दंगल में अपनी-अपनी जमीन तलाश रहे होंगे। तीनों सीटों पर मतदाताओं के रुझान में इन पूर्व विस अध्यक्षों की स्थिति बहुत अच्छी नहीं मानी जा रही है। दो पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय मकान, कृष्णा तीरथ और एक पूर्व सांसद महाबल का भविष्य भी ईवीएम में बंद है।
इन्हें भी जमीन खोने का डर सता रहा है। वहीं, ग्रेटर कैलाश में राष्ट्रपति की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी और सौरभ भारद्वाज की लड़ाई में एक वीआईपी प्रत्याशी धराशायी होगा।
दिल्ली के दंगल की वोटिंग के बाद वीआईपी प्रत्याशी जोड़-घटा में लगे हैं। वजह साफ है कि ऐसे मंत्री जो 2013 का चुनाव हारे और फिर 2015 के विस चुनाव में हार मिलती है तो उनके कद्दावर राजनीतिक भविष्य का पतन शुरू होने का डर है।