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दिल्ली: कोर्ट ने यौन उत्पीड़न के मामलों के लिए आंतरिक समिति नहीं होने पर ‘श्रीलंकन एयरलाइंस’ को दोषी करार दिया

Thu, 24 Dec 2020 10:35 PM IST
Mohit Mudgal पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: Mohit Mudgal Updated Thu, 24 Dec 2020 10:35 PM IST
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Delhi: Court convicts Sri Lankan Airlines for not having internal committee for sexual harassment cases
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो

 दिल्ली की एक अदालत ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के विषयों की जांच करने के लिए आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) न रखकर भारतीय कानून का उल्लंघन करने के मामले में ‘श्रीलंकन एयरलाइंस’ को दोषी करार दिया है।

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अदालत ने एक पूर्व महिला कर्मचारी की शिकायत पर एयरलाइन को दोषी करार दिया है। वह एयरलाइन के दिल्ली कार्यालय में सेल्स अधिकारी के तौर पर कार्यरत थी, जब साल 2009 में एयरलाइन तत्कालीन क्षेत्रीय प्रबंधक (भारत) ने उसका यौन उत्पीड़न किया था।
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इसने कहा कि शिकायत दायर करने की तारीख के दिन एयरलाइन के पास कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम के मुताबिक 'आंतरिक शिकायत समिति’ नहीं थी और न ही उसके पास विशाखा दिशा-निर्देशों के संदर्भ में कोई स्थायी समिति थी।
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मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट देव सरोहा ने कहा कि मैं इस नतीजे पर पहुंचा हूं कि आरोपी ने महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध एवं निवारण अधिनियम) की धारा 4 (1) का उल्लंघन किया और वह इसके तहत दोषी करार दिए जाने का हकदार है।

उन्होंने कहा कि इस तरह, सुनवाई के परिणाम के अंतिम विश्लेषण में एयरलाइन को कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण अधिनियम),2013 के तहत दोषी करार दिया जाता है। अधिनियम की धारा 4(1) में प्रावधान है कि कार्यस्थल के नियोक्ता को लिखित में एक आदेश के जरिए ‘आंतरिक शिकायत समिति’ का गठन करना होगा।

इस कानून का उल्लंघन अधिनियम की धारा 26 के तहत एक दंडनीय अपराध है और इसमें 50,000 रुपये के जुर्माने का भी प्रावधान है। अदालत सजा की अवधि पर सात जनवरी को सुनवाई करेगी। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि घटना के बाद उसने इसकी जानकारी आरोपी प्रबंधक के तत्कालीन सुपरवाइजर को दी थी लेकिन कंपनी ने उचित कार्रवाई किए जाने के बहाने जांच में जानबूझकर देर की।

हालांकि, कोई कार्रवाई नहीं की गई जबकि आरोपी प्रबंधक ने शिकायतकर्ता के साथ बार-बार यौन दुव्यर्वहार किया। राष्ट्रीय महिला आयोग के अनुरोध पर बाद में पुलिस ने मामले की जांच की और आरोपी प्रबंधक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता की गरिमा को ठेस पहुंचाने को लेकर इस साल सितंबर में अदालत ने क्षेत्रीय प्रबंधक ललित डी सिल्वा को दोषी ठहराया था।


पीड़िता ने दिसंबर 2015 में एयरलाइन के खिलाफ भी एक अलग शिकायत दायर की थी, जो इस तरह के विषयों से निपटने के लिए आंतरिक समिति नहीं रखकर भारतीय कानून का उल्लंघन करने को लेकर दायर की गई थी।

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