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हिंदूराव अस्पताल में रेमडेसिवीर दवा नहीं मिलने से मरीज की मौत, परिजनों को बाहर से खरीदकर लाने को कहा जा रहा
Mon, 20 Jul 2020 11:16 AM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Mon, 20 Jul 2020 11:16 AM IST
सार
- कोरोना के गंभीर रोगियों के इलाज में होती है इस्तेमाल, राजधानी के अस्पतालों में कमी
- मरीजों के परिजनों को बाहर से खरीदकर लाने को कहा जा रहा
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रेमडेसिवीर
- फोटो : Hetero website
विस्तार
कोरोना के गंभीर रोगियों के इलाज में इस्तेमाल की जाने वाली रेमडेसिवीर दवा की राजधानी दिल्ली के अस्पतालों में कमी हो गई है। मरीजों के परिजनों को यह दवा बाहर से महंगे दामों पर खरीदनी पड़ रही हैं।
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दिल्ली नगर निगम के सबसे बड़े हिंदूराव अस्पताल में नरेला निवासी 52 वर्षीय मरीज दो सप्ताह से भर्ती था। कुछ दिनों बाद तबीयत बिगड़ने लगी तो डॉक्टरों ने परिजनों से रेमडेसिवीर दवा लाने को कहा। अस्पताल में दवा उपलब्ध नहीं थी। इस पर परिजनों को किसी भी मेडिकल स्टोर से लाने के लिए कहा गया।
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मरीज के छोटे भाई के मुताबिक मेडिकल स्टोर में भी दवा नहीं मिलने पर डॉक्टरों ने उन्हें फोर्टिस अस्पताल भेजा। छोटा भाई जब तक दवा लेकर आया, आईसीयू में भर्ती मरीज ने दम तोड़ दिया। इस संबंध में उत्तरी नगर निगम के मेयर जयप्रकाश ने कहा कि दवा खत्म होने की जानकारी उनको नहीं है। अगर अस्पताल में दवा खत्म हो गई है तो तत्काल इस मंगवाया जाएगा।
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5400 की दवा 30 हजार में मिली
दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में भर्ती एक 47 वर्षीय महिला के परिजनों ने बताया कि डॉक्टरों ने उनसे भी रेमडेसिवीर लाने को कहा था, लेकिन आसपास कहीं दवा नहीं मिली। बाद में मैक्स अस्पताल के बाहर 5400 रुपये की दवा 30 हजार रुपये में मिली। एम्स के एक डॉक्टर ने बताया कि रेमडेसिवीर एक इंजेक्शन है, जो कोरोना के इलाज में काफी कारगर है। यह दवा ऑक्सीजन सपोर्ट वाले मरीजों के इलाज में काम आती है। इससे रोगियों का अस्पताल में रुकने का समय कम होता है। लेकिन इससे गंभीर मरीजों की मृत्यु दर को कम नहीं किया जा सकता।