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मुख्य सचिव मारपीट मामला: कुछ धाराओं में पुलिस बताए कैसे बनता है अपराध: कोर्ट

Sat, 25 Aug 2018 09:28 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 25 Aug 2018 09:28 PM IST
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Delhi Chief Secretary Anshu Prakash case HC says police tell how crime same act
दिल्ली हाईकोर्ट

अदालत ने मुख्य सचिव अंशु प्रकाश से मारपीट मामले में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री व अन्य के खिलाफ दायर आरोपपत्र पर सवाल खड़े किए है। अदालत ने पुलिस से कुछ धाराओं पर स्पष्टीकरण मांगाकर पूछा है कि आखिर इन धाराओं में अपराध कैसे बनता है।

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वहीं, अदालत ने आम आदमी पार्टी (आप) के वकील की ओर से दायर अर्जी को खारिज कर दिया। अर्जी में पुलिस को मुख्य सचिव पर कथित हमले से जुड़े मामले की चार्जशीट के तथ्यों को मीडिया के साथ शेयर करने से रोकने की मांग की गई थी। अब मामले की सुनवाई 18 सितंबर तक के लिए टाल दिया गया है। 
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13 अगस्त को दायर किए गए थे आरोपत्र 
पटियाला हाउस स्थित अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल ने आरोपपत्र पर सुनवाई के दौरान पुलिस से आईपीसी की धारा 34 समान इरादा, और 109 उकसाना के आरोपों के संबंध में जवाब मांगा है। जांच अधिकारी ने कहा कि मामले में करीब पांच महीनों तक गहराई से जांच के बाद ही ये आरोप लगाए गए और हर आरोप के साथ उससे जुड़ा सबूत कोर्ट के समक्ष रखा गया है।

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पुलिस को चार्जशीट के अंश मीडिया में लीक करने से रोका जाए

वहीं, मुख्य सचिव के वकील ने पुलिस के लगाए गए आरोपों का समर्थन कर दलील दी कि चार्जशीट पर संज्ञान की स्टेज पर यही देखा जाना चाहिए कि पहली नजर में आरोपों के लेकर पर्याप्त तथ्य हैं या नहीं। शेष साक्ष्यों पर आरोप तय करते हुए गौर किया जा सकता है।
 
दूसरी तरफ, अदालत ने अधिवक्ता बीएस जून और मोहम्मद इरशाद की ओर से 14 अगस्त को दायर अर्जी को खारिज कर दिया। उनकी मांग थी कि पुलिस को चार्जशीट के अंश मीडिया में लीक करने से रोका जाए क्योंकि अभी तक अदालत ने इस पर संज्ञान भी नहीं लिया है।

उन्होंने मामले में जांच अधिकारी और अतिरिक्त डीसीपी हरेंद्र सिंह पर बीजेपी के प्रवक्ता की तरह बर्ताव करने का भी आरोप लगाया था। इस मुद्दे पर पुलिस ने तर्क रखा कि आप नेता जांच एजेंसी का अपमान कर रही है। उसकी छवि बिगाड़ने के साथ कोर्ट की कार्यवाही को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है।

दायर आरोपपत्र में आप के 11 विधायकों के साथ मुख्यमंत्रीऔर उपमुख्यमंत्री को भी आरोपी बनाया गया है। आरोपी विधायकों में अमानतुल्लाह खान, प्रकाश जारवाल, नितिन त्यागी, ऋतुराज गोविंद, संजीव झा, अजय दत्त, राजेश ऋषि, राजेश गुप्ता, मदन लाल, प्रवीण कुमार और दिनेश मोहनिया का नाम है। मुख्य सचिव पर 19 फरवरी को सीएम आवास में देर रात बैठक के दौरान कथित रूप से यह हमला हुआ था। 

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