Budget : व्यापारियों पर गिरी बजट की गाज, तब भी इस वजह से जता रहे उम्मीद
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आम बजट से दिल्ली के व्यापारी वर्ग भी नाखुश है। व्यापारियों का कहना है कि पहले नोटबंदी, फिर जीएसटी, सीलिंग की मार के बाद उम्मीद थी कि बजट में केंद्र सरकार कुछ राहत देगी, लेकिन सरकार के आम बजट से घोर निराशा हुई है।
हालांकि कुछ व्यापारी वर्ग का कहना है कि किसान अगर बजट से खुशहाल होते हैं तो व्यापारी वर्ग को इससे लाभ मिलेगा। फेडरेशन ऑफ ट्रेड एसोसिएशन ऑफ दिल्ली के अध्यक्ष अजय अरोड़ा का कहना है कि बजट ने निराश किया है।
डिजिटल भारत को बढ़ावा देने का राग अलापने वाली सरकार ने मोबाइल को ही महंगा कर दिया है। भारतीय व्यापार मंडल के महासचिव हेमंत गुप्ता ने कहा कि उम्मीद पर बजट खरा नहीं उतरा।
टैक्स स्लैब में कोई राहत सरकार ने नहीं दिया
सीलिंग की मार झेल रहे व्यापारियों को किसी तरह का लाभ नहीं दिया गया है। दिल्ली के व्यापारियों में आम बजट से निराशा हाथ लगी है।
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के कन्वीनर बृजेश गोयल ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी के बाद व्यापारियों को इनकम टैक्स छूट सीमा पांच लाख होने की उम्मीद थी।
लेकिन इनकम टैक्स स्लैब में कोई राहत सरकार ने नहीं दिया है। दिल्ली व्यापार महासंघ के अध्यक्ष देवराज बावेजा का कहना है कि पांच करोड़ छोटे व्यापारियों को निराशा हाथ लगी है।
सरकार ने यह कहा था कि जीएसटी आने के बाद किसी तरह का टैक्स नहीं लगेगा, लेकिन सेस लगाकर धोखा किया है। उम्मीद थी कि व्यापारियों को कम रेट पर ऋण मिलेगा, लेकिन ना तो ऋण मिला और ना ही टैक्स स्लैब में छूट।