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राजीव से भारत रत्न वापसी वाला संकल्प कार्यवाही का हिस्सा नहीं, विधानसभा ने जारी किया बुलेटिन
Tue, 25 Dec 2018 04:46 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 25 Dec 2018 04:46 AM IST
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दिल्ली विधानसभा
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली विधानसभा में 1984 सिख दंगा मामले में पारित संकल्प पर सोमवार को सदन का आधिकारिक बुलेटिन जारी किया गया। बुलेटिन में राजीव गांधी का भारत रत्न वापस लेने से जुड़ी लाइनें सदन में पारित प्रस्ताव का हिस्सा नहीं हैं। अब इस मसले पर पार्टी के भीतर छिड़ा विवाद थमने की उम्मीद है।
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बुलेटिन में बताया गया है कि दोपहर बाद करीब 4.36 बजे नियम 55 के तहत अल्पकालिक चर्चा शुरू हुई। इसमें विधायकों ने अपने मत रखे। 6.04 बजे सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए बढ़ाई गई। दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन के जवाब देने के बाद जरनैल सिंह ने संकल्प प्रस्तुत किया। करीब 6:35 बजे संकल्प ध्वनि मत से पारित हो गया। सदन की कार्यवाही के बुलेटिन में राजीव गांधी का भारत रत्न वापस लेने वाला विवादित हिस्सा नहीं है।
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इससे पहले शुक्रवार शाम सिख दंगा मामले में दिल्ली विधानसभा में अल्प कालिक चर्चा कराई गई थी। इसके बाद सदन में एक प्रस्ताव पारित किया गया। लेकिन प्रस्ताव पढ़ने वाले विधायक जरनैल सिंह की तरफ से सदन में बोली गई आखिरी लाइनों पर विवाद खड़ा हो गया। आप विधायक ने कहा था कि सदन संकल्प पारित करता है कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का भारत रत्न वापस लेना चाहिए।
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हालांकि, विधान सभा की कार्यवाही खत्म होने के बाद पार्टी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के संदर्भ में कही गई बातें मूल संकल्प का हिस्सा नहीं हैं। विधायकों को जो संकल्प वितरित किया गया, उसमें सोमनाथ भारती ने इन लाइनों को जोड़कर जरनैल सिंह को दे दिया। ऐसे में यह मूल प्रस्ताव का हिस्सा नहीं है। यह एक सदस्य की तरफ से लाया गया संशोधन है, जिसे सदन ने पारित नहीं किया।