{"_id":"679004fb7829d24a000eceb3","slug":"delhi-assembly-elections-2025-cm-atishi-claims-aap-government-is-being-formed-for-the-fourth-time-2025-01-22","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Delhi Assembly Elections 2025 : सीएम आतिशी का दावा- दिल्ली के दिल में है आप, बन रही चौथी बार सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi Assembly Elections 2025 : सीएम आतिशी का दावा- दिल्ली के दिल में है आप, बन रही चौथी बार सरकार
Wed, 22 Jan 2025 05:40 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 22 Jan 2025 05:40 AM IST
सार
आम आदमी पार्टी (आप) के साथ भाजपा और कांग्रेस दिल्ली में सरकार बनाने के दावे कर रही हैं। इसी की हकीकत समझने के लिए ‘अमर उजाला’ ने आप की वरिष्ठ नेता और दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी से बात की। पेश हैं, इसके अंश....
विज्ञापन
सीएम आतिशी
- फोटो : X @AamAadmiParty
विस्तार
दिल्ली का सत्ता संग्राम अपने आखिरी मुकाम की तरफ बढ़ रहा है। आम आदमी पार्टी (आप) के साथ भाजपा और कांग्रेस दिल्ली में सरकार बनाने के दावे कर रही हैं। इसी की हकीकत समझने के लिए ‘अमर उजाला’ ने आप की वरिष्ठ नेता और दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी से बात की। पेश हैं, इसके अंश....
विज्ञापन
आप दिल्ली के विधानसभा चुनाव में इस वक्त आम आदमी पार्टी को कहां देखती हैंं?
इस वक्त आप अपने को दिल्ली वालों के दिल में देख रही है। दिल्ली वाले आप से और अरविंद केजरीवाल से प्यार करते हैं। केजरीवाल दिल्ली के लोगों के बीच जाते हैं। जबकि दूसरे बड़े नेताओं के पास पहले सुरक्षा का दस्ता होगा, फिर रस्सी होगी और फिर आगे बैरीकेडिंग, फिर लोग होंगे। केजरीवाल इकलौते ऐसे नेता हैं, जो सीधे लोगों के बीच में जाते हैं। देखिए, लोग उनको कितना प्यार देते हैं। छोटे-छोटे बच्चे उनके गले मिलते हैं। बुजुर्ग महिलाएं उनके सिर पर हाथ फेरती हैं, उनके गले लग जाती हैं। इतना प्यार, मुझे नहीं लगता कि इस देश के लोकतंत्र के इतिहास में कोई ऐसा नेता दिखेगा, जिसे लोग इतना प्यार करते हैं।
विज्ञापन
आप चौथी बार सरकार बनाने की दौड़ में हैं। जमीनी स्तर पर मतदाताओं में कुछ नाराजगी तो होगी?
आप उस महिला से पूछिए जो 10 साल पहले तक छह-छह घंटे पानी के टैंकर का इंतजार करती थी, ताकि वह एक कनस्तर पानी भर सके। आज उसके घर में पानी की पाइपलाइन आती है। आप उस परिवार से पूछिए, जिसका बच्चा टीन शेड के स्कूल में पढ़ता था, क्लास में टीचर नहीं होती थी, बैठने के लिए कुर्सी-बेंच नहीं थी, पीने का पानी नहीं होता था, आज वो बच्चे शानदार स्कूल, शानदार क्लासरूम में पढ़कर जेईई व नीट की प्रवेश परीक्षाएं पास कर रहे हैं। आप उस परिवार से पूछिए, जिसे अपने मां-बाप के इलाज के लिए गहने गिरवी रखने पड़ते थे। आज सरकारी अस्पतालों में फ्री इलाज मिल रहा है। उस लड़की से पूछिए, जो फ्री बस यात्रा की वजह से किसी भी हिस्से में पढ़ने जा सकती है।
विज्ञापन
पिछला करीब दो साल चुनौती भरा रहा। सारी लीडरशिप जेल में डाल दी गई। पीएम मोदी अपने भाषण में कहते हैं कि भ्रष्टाचार के आंदोलन से निकली पार्टी के नेता भ्रष्ट हो गए हैं। इसे कैसे देखती है?
दिल्ली वाले बहुत समझदार हैं। उनको पता है कि किस तरह से पश्चिम बंगाल में एक नेता पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगाए जाते थे, लेकिन जैसे ही वह भाजपा में आए, उन पर से सीबीआई व ईडी के सारे केस खत्म हो गए। वो देखते हैं कि एनसीपी के नेताओं के बारे में बड़ी-बड़ी रैलियों में प्रधानमंत्री बोलते थे कि जेल डाल दूंगा। अब कोई उपमुख्यमंत्री है, कोई वित्त मंत्री है। ईडी-सीबीआई केस वापस ले लेती है। 70 हजार करोड़ का केस खत्म हो गया। दिल्लीवाले बेवकूफ नहीं हैं। वह देख रहे हैं कि एक आप है, एक केजरीवाल हैं, जो दिल्ली के लोगों के लिए लड़-लड़कर काम करवा रहा है। दूसरी तरफ भाजपा है, जो इनको परेशान करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।
मतलब आप कहना चाह रही हैं कि इसका नुकसान भाजपा को हो रहा है?
बिल्कुल, भाजपा का चुनाव में कोई एजेंडा ही नहीं है। कोई भी पार्टी जब चुनाव लड़ने जाती है तो तीन चीजें सामने रखती है। उसने काम क्या किया है, आने वाले समय में क्या काम करेंगे और हमारा सीएम का चेहरा कौन है। भाजपा के पास तीनों ही नहीं हैं।
तो आप का सीएम का चेहरा कौन है? यही सवाल भाजपा भी आपसे पूछ रही है? इसलिए भी कि सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देते वक्त कुछ शर्तें लगा रखी हैं।
इसमें कोई दो राय नहीं है कि आप का मुख्यमंत्री का चेहरा अरविंद केजरीवाल हैं। दिल्ली के लोग अरविंद केजरीवाल को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं। वो आप के चेहरा हैं। इसमें कोई सवाल-जवाब नहीं है।
शिक्षा मॉडल में ही जय भीम योजना भी थी, लेकिन दो साल से इसके तहत कोचिंग में बच्चों की पढ़ाई नहीं हो रही है।
बिल्कुल, हमने बीते चार महीने में फिर से शुरू किया। आप पिछले कुछ सालों का इतिहास देखिए। तो भाजपा ने क्या काम किया है। उन्होंने दिल्लीवालों के काम रोके हैं। आप और केजरीवाल ने लड़कर, झगड़कर, पांव पकड़कर दिल्लीवालों के लिए काम किया है। बताइए, दिल्लीवाले किसे वोट देंगे। काम रोकने वाले को या काम करने वाले को। दूसरा सवाल यह भी कि भाजपा वालों ने दिल्ली के लिए क्या किया। हम तो हर जगह बता रहे हैं कि क्या किया है। उन्होंने क्या किया? दस साल के बाद पीएम ने तीन कालेज का शिलान्यास किया, उद्घाटन नहीं किया। अभी दस साल और लग जाएंगे, पहले छात्र को दाखिला देने में।
महिला सम्मान योजना देने में देरी क्यों? पंजाब में क्यों नहीं लागू हो सकी योजना? भाजपा इसको लेकर भी सवाल उठा रही है।
भाजपा वाले समझते नहीं हैं, केजरीवाल व दिल्लीवालों का रिश्ता। दिल्लीवालों को पता है कि जो केजरीवाल कहते हैं, वह करके दिखाते हैं। यह वही भाजपा वाले हैं जो 2013 में कहते थे कि बिजली का बिल एक रुपये कम नहीं हो सकता। केजरीवाल ने करके दिखाया। इसी महीने 35 लाख परिवारों का बिजली का बिल जीरो आया है। 11 करोड़ से ज्यादा ट्रिप्स दिल्ली की महिलाओं ने फ्री बस सेवा पर ली है। वो क्यों नहीं मानेंगे कि अरविंद केजरीवाल अपने वायदे पूरे करेंगे।
कुछ इश्यू ऐसे हैं, अभी तक जिसका समाधान नहीं मिला है। खासतौर से यमुना और वायु प्रदूषण। ऐसा क्यो?
देखिए, हम मानते हैं कि यमुना साफ नहीं कर सके। लेकिन यह पांच साल का कार्यकाल बहुत उतार-चढ़ाव से भरा रहा। पहले दो साल कोविड और लॉकडाउन रहा। सारी सरकारें शून्य राजस्व पर आ गई थीं। उसके बाद डेढ़-दो साल आप नेताओं की गिरफ्तारी व जेल जाने का दौर रहा। इसलिए हम यमुना साफ नहीं कर सके। यह हमारी प्राथमिकता में है। जहां तक वायु प्रदूषण का सवाल है, यह अकेले दिल्ली नहीं कर सकती। दिल्ली ने वायु गुणवत्ता ठीक करने के लिए कई कदम उठाए हैं। थर्मल पावर प्लांट बंद किए जा चुके हैं। दिल्ली दुनिया की सबसे बड़ी ई-बस फ्लीट बनने वाली है। 12 फीसदी वाहन विद्युत चालित हैं। हरित क्षेत्र 20 फीसदी बढ़ा दिया है।
चार महीने के अपने छोटे कार्यकाल को आप कैसे देखती हैं?
मुझे लगता है कि चार महीने में हमारी जो सबसे बड़ी उपलब्धि रही, वह यह है कि जो काम षडयंत्र के तहत रोके गए थे, उनको शुरू किया गया। शासन को हम फिर से पटरी पर ले आ पाए। बड़े पैमाने पर सड़कों की मरम्मत हुई। मोहल्ला क्लीनिक में दवा मिलने लगीं, टेस्ट शुरू हो गए। पानी-सीवर की समस्या को हम ठीक कर सके।
एलजी साहब ने कुछ परेशान किया आप को? वैसे भी, वह आपकी तारीफ करते हैं।
क्या है कि उनकी भी अपनी मजबूरियां हैं। वो भी एक सरकार, एक पार्टी के प्रतिनिधि हैं, जिनको एक तयशुदा एजेंडे के तहत भेजा गया है।