उपचुनाव में BJP की हार से केजरीवाल को फायदा!
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उत्तर प्रदेश, राजस्थान और गुजरात के उपचुनावों में भारतीय जनता पार्टी की करारी हार के चलते पार्टी की दिल्ली इकाई परेशानी में पड़ गई है। पार्टी को मिली करारी हार के बाद भाजपा दिल्ली में विधानसभा चुनाव को लेकर असमंजस में पड़ गई है।
गौतरलब है कि उप राज्यपाल नजीब जंग की ओर से राष्ट्रपति को पत्र लिखकर दिल्ली की भाजपा को सरकार बनाने का मौका देने की बात सामने आने पर पार्टी ने सरकार बनाने की कवायद शुरू कर दी थी। इसी क्रम में प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय बार-बार चुनाव की भी बात कर रहे थे।
लेकिन उपचुनाव में मिली हार के बाद अचानक दिल्ली में भाजपा ने सरकार बनाने की कवायद को धीमी कर दी है। सूत्रों के अनुसार एलजी की ओर से राष्ट्रपति को भेजे गए पत्र पर गृह मंत्रालय में कोई चर्चा नहीं हो रही है।
उधर, सूत्रों के मुताबिक पूरे प्रकरण से आम आदमी पार्टी को फायदा हुआ है। आप पूरे जोर-शोर से दिल्ली में भाजपा को सरकार बनाने से रोकने में लगी थी।
भाजपा का उत्साह पड़ा धीमा
भाजपा के विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उपचुनावों में करारी हार के बाद पार्टी में दिल्ली में सरकार बनाने को लेकर उत्साह में कमी आ गई है।
इससे पहले पिछले साल दिसंबर में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अपने सहयोगी दल शिरोमणि अकाली दल के साथ 70 में 32 सीटें जीतने में सफल रही थी। और सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। लेकिन सरकार बनाने के लिए जरूरी 36 सीट से पिछड़ गई थी।
ऐसे में 28 सीटें जीतने वाली आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस (8 सीट) के साथ मिलकर सरकार बनाया था। लेकिन 49 दिनों बाद यानि फरवरी में उनका गठबंधन टूट गया था। तब से दिल्ली में राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई है।
दिल्ली में लगातार जोड़तोड़ से सरकार बनाने का एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगता रहा है। मौजूदा हालात में भाजपा के तीन विधायकों के सांसद बन जाने पर भी वह सबसे बड़ी पार्टी है।
उधर, सुप्रीम कोर्ट ने 9 सितंबर को कहा है कि 10 अक्टूबर तक एलजी के नेतृत्व में सरकार बनाए जाने पर कोई निर्णय ले लेना चाहिए।