{"_id":"5e315b938ebc3e4b433537f7","slug":"delhi-assembly-election-2020-kapil-mishra-raises-shaheen-bagh-issue","type":"story","status":"publish","title_hn":"48 घंटे की पाबंदी झेलने के बाद भी नरम नहीं पड़े कपिल मिश्रा के तेवर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
48 घंटे की पाबंदी झेलने के बाद भी नरम नहीं पड़े कपिल मिश्रा के तेवर
Wed, 29 Jan 2020 04:44 PM IST
अमित मंडल
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमित मंडल
Updated Wed, 29 Jan 2020 04:44 PM IST
विज्ञापन
कपिल मिश्रा (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
विवादित बयान को लेकर 48 घंटे की पाबंदी झेलने वाले भाजपा उम्मीदवार कपिल मिश्रा के तेवर नरम नहीं पड़े हैं। उन्होंने एक बार फिर शाहीन बाग का मुद्दा जोर-शोर से उठाया है। एक न्यूज चैनल से बातचीत में कपिल ने कहा कि दिल्ली में मुकाबला 20 फीसदी बनाम 80 फीसदी का होगा।
कपिल ने कहा कि शाहीन बाग धरना-प्रदर्शन के पीछे आम आदमी पार्टी का ही हाथ है। अमानतुल्लाह धरने के लिए गद्दे-पैसे मुहैया करवा रहे हैं। सिसोदिया कह रहे हैं कि मैं इनके साथ हूं। आप के कई नेता शाहीन बाग धरना प्रदर्शन से जुड़े हुए हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर दिल्ली चुनाव से तीन महीने पहले ही यहां हिंसा क्यों फैली? क्यों बसों को जलाया गया? क्यों शाहीन बाग में धरना-प्रदर्शन होने लगा। क्योंकि आप सरकार ने पांच साल में कोई काम ही नहीं किया। इसलिए शाहीन बाग जैसा मुद्दा बनाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
कपिल ने कहा कि शाहीन बाग धरना-प्रदर्शन के पीछे आम आदमी पार्टी का ही हाथ है। अमानतुल्लाह धरने के लिए गद्दे-पैसे मुहैया करवा रहे हैं। सिसोदिया कह रहे हैं कि मैं इनके साथ हूं। आप के कई नेता शाहीन बाग धरना प्रदर्शन से जुड़े हुए हैं।
विज्ञापन
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर दिल्ली चुनाव से तीन महीने पहले ही यहां हिंसा क्यों फैली? क्यों बसों को जलाया गया? क्यों शाहीन बाग में धरना-प्रदर्शन होने लगा। क्योंकि आप सरकार ने पांच साल में कोई काम ही नहीं किया। इसलिए शाहीन बाग जैसा मुद्दा बनाया गया।
विज्ञापन