दिल्ली में उपचुनाव रद्द, विधान सभा हुई भंग
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दिल्ली में तेजी से बदलते हालात के बीच बुधवार को दो बड़ी घटनाएं हुईं। सबसे पहले चुनाव आयोग ने 25 नवंबर को दिल्ली विधान सभा के लिए होने वाले उपचुनाव के लिए जारी अपनी अधिसूचना वापस ली और कुछ देर बाद ही राष्ट्रपति ने दिल्ली विधान सभा को भंग करने के लिए एलजी नजीब जंग की सिफारिश को भी हरी झंडी दिखा दी।
बता दें कि दिल्ली विधान सभा की तीन सीटें लोकसभा चुनाव के बाद खाली हुई थी। ये तीनों ही सीटें भाजपा के खाते में थीं। कुछ दिन पहले ही चुनाव आयोग ने विधान सभा की खाली हुई इन सीटों के लिए उपचुनाव की घोषणा की थी।
दिल्ली के तुगलकाबाद, कृष्णानगर और मेहरौली की खाली हुई विधान सभा की सीटों के लिए 25 नवंबर को चुनाव होने थे। इससे पहले दिल्ली में राजनीतिक हालात तेजी से बदले और दिल्ली के उप राज्यपाल नजीब जंग ने मंगलवार को राष्ट्रपति को विधान सभा भंग करने की सिफारिश कर दी।
जनवरी-फरवरी में हो सकते हैं चुनाव
बता दें कि फरवरी में अरविंद केजरीवाल के इस्तीफा देने के बाद से ही दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लागू था। इस दौरान केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर मांग की थी कि चूंकि यहां किसी भी राजनीतिक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है ऐसे में दिल्ली में चुनाव कराए जाने चाहिए।
कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए इस मामले में केंद्र सरकार से सफाई मांगी थी कि वह स्पष्ट करे कि पिछले आठ महीने में उसने दिल्ली में सरकार बनाने के लिए क्या प्रयास किए।
सरकार और दिल्ली के उप राज्यपाल नजीब जंग की सफाई के बाद कोर्ट ने उन्हें 10 नवंबर तक का समय दिया था। इस बीच नजीब जंग ने कांग्रेस, भाजपा और आम आदमी पार्टी से बात करने के बाद मंगलवार को राष्ट्रपति को दिल्ली विधान सभा को भंग करने की सिफारिश कर दी। उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी जनवरी-फरवरी के बीच दिल्ली में विधान सभा के चुनाव कराए जा सकते हैं।