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दिल्ली: अस्पतालों में बुखार की शिकायत से पीड़ित कई मरीजों को उल्टी और दस्त की भी शिकायत
Mon, 30 Aug 2021 04:31 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Mon, 30 Aug 2021 04:31 PM IST
सार
अस्पतालों में बुखार की शिकायत से पीड़ित कई मरीजों को उल्टी और दस्त की भी शिकायत
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अस्पताल में भर्ती डायरिया मरीज।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बारिश के साथ बदले मौसम में बीमारियां अचानक से बढ़ गई हैं। वायरल फीवर और टायफाइड के बाद डायरिया से पीड़ित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। मरीजों में उल्टी, दस्त, पेट दर्द, के लक्षण हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इस समय लोगों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है। अगर किसी भी व्यक्ति को बुखार आ रहा है तो तुरंत चिकित्सकों की सलाह लेनी चाहिए।
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जीटीबी अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग के मुताबिक, ओपीडी में आने वाले 60 फीसदी मरीज वायरल से पीड़ित है। इन रोगियों को डायरिया की भी शिकायत है। निजी अस्पतालों में भी आने वाले मरीजों में भी यह परेशानी देखने को मिल रही है। फोर्टिस अस्पताल के मेडिसन विभाग के डॉक्टर अमिताभ पार्ती के मुताबिक, कुछ मरीजों में वायरल के साथ उल्टी व दस्त की समस्या भी देखी जा रही है। यह लक्षण चार से पांच दिन तक बने रहते हैं।
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एम्स के डॉक्टर अमरींद्र सिंह मल्ही बताते हैं कि डायरिया का मुख्य कारण पीने के पानी का दूषित होना साथ ही बासी खाना शामिल है। इसके मुख्य लक्षणों में उल्टी और दस्त होना है। कभी-कभी बुखार भी देखने को मिलता है। कमजोरी के कारण चलने व कार्य करने में कठिनाई होती है। डायरिया के गंभीर होने पर खूनी दस्त शुरू हो जाते हैं जो घातक होती है।
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स्वाइन फ्लू के मामलों में भी इजाफा
राजधानी 31 जुलाई तक स्वाइन फ्लू के सिर्फ दो ही मामले सामने आए थे। 25 अगस्त तक सिर्फ चार सप्ताह के अंदर इनकी संख्या बढ़कर 60 हो गई है। कई मरीजों को कोरोना संक्रमण के डर के चक्कर में अस्पताल जाकर जांच कराई तो उनकी कोविड़ रिपोर्ट तो निगेटिव आयी लेकिन स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो गई।
डॉक्टर से करें संपर्क
उत्तरी नगर निगम के डॉक्टर अजय कुमार ने बताया कि उमस भरी गर्मी व बारिश के कारण लोगों में तेज बुखार, बदन व सिर दर्द, सर्दी-खांसी की शिकायतें बढ़ी हैं। हल्की भी परेशानी हो, मरीज लापरवाही नहीं बरतें। डॉक्टर से मिलकर जांच करवाएं और समय पर दवा का सेवन करें। गुनगुना पानी का सेवन करें। बासी खाना नहीं खाएं। बाजार में खुले खाद्य पदार्थ का सेवन करने से परहेज करें। मच्छरदानी का प्रयोग करें। घर के आस-पास साफ-सफाई रखें।