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नहीं होगा धोखा: डिफॉल्टर बिल्डरों की सूची होगी वेबसाइट पर
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Thu, 28 Apr 2016 02:47 AM IST
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बकाया न जमा करने वाले बिल्डरों की सूची प्राधिकरण जल्द ही वेबसाइट पर अपलोड करेगा, ताकि खरीदारों को बिल्डर की वित्तीय स्थिति की जानकारी हो सके। प्राधिकरण में हुई बैठक में निर्णय लिया गया है कि जितने भी बिल्डर बकाया रकम की किस्त न जमा करने के कारण डिफॉल्टर हो चुके हैं, उनकी सूची नोएडा प्राधिकरण की वेबसाइट पर अपलोड की जाए, ताकि बिल्डर खरीदारों को भ्रम में न रख सकें।
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दरअसल, खरीदारों के पूछने पर बिल्डर प्राधिकरण का बकाया भुगतान होने की सही जानकारी नहीं देते, जिससे खरीदार परेशान होते हैं। दूसरे, प्राधिकरण को यह भी उम्मीद है कि डिफॉल्टर की सूची वेबसाइट पर डालने के डर से आवंटी प्राधिकरण का बकाया भुगतान भी करेंगे। प्राधिकरण का ग्रुप हाउसिंग और वित्त एवं लेखा विभाग मिलकर डिटेल तैयार कर रहे हैं। बता दें कि नोएडा के अधिकतर बिल्डर डिफॉल्टर हो चुके हैं। इन पर मूल रकम के अलावा ब्याज और पेनाल्टी मिलाकर करीब 25 हजार करोड़ रुपये बकाया है। प्राधिकरण के नोटिस के बावजूद बिल्डर बकाया जमा नहीं कर रहे।
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फ्लैट खरीदारों को सटीक सूचना देने के लिए प्राधिकरण जल्द ही मोबाइल ऐप पर बिल्डर प्रोजेक्ट का ब्योरा अपलोड करेगा, जिसमें जमीन आवंटन से लेकर कंपलीशन सर्टिफिकेट जारी होने तक का विवरण होगा। इस ऐप के जरिये ही फ्लैट खरीदार प्रोजेक्ट की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इन जानकारियों के लिए उन्हें प्राधिकरण नहीं जाना पड़ेगा। वे सटीक जानकारी लेकर सही प्रोजेक्ट में निवेश का फैसला कर सकेंगे। इस ऐप पर काम शुरू हो गया है। अगले महीने इसके लांच होने के आसार हैं।
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विवादों से सबक लेते हुए प्राधिकरण ने निर्माणाधीन हाईराइज बिल्डिंगों पर अतिरिक्त एफएआर की अनुमति देने से मना कर दिया है। अतिरिक्त एफएआर के लिए कुल 38 आवेदन आए हैं, जिनमें से अधिकतर आवेदन बिल्डरों के हैं। प्राधिकरण ने 38 में से छह उन बिल्डरों को तो अनुमति दे दी, जो निर्माण कार्य की शुरूआत अब करने जा रहे हैं, लेकिन छह ऐसे आवेदन थे, जिन पर निर्माण कार्य पहले से चल रहा है। ये आवेदनकर्ता नए एफएआर के हिसाब से स्ट्रक्चरल डिजाइन पेश नहीं कर सके। इस कारण एफएआर की अनुमति देने के लिए बनी समिति ने मना कर दिया। एक्सट्रा एफएआर लेकर बिल्डर निर्माण कराते रहते हैं, जिससे फ्लैट खरीदारों को समय पर फ्लैट पर पजेशन नहीं दे पाते। खरीदार परेशान होते हैं।
बिल्डरों के अलावा प्राधिकरण शहर में इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माणाधीन प्रोजेक्ट का ब्योरा भी मोबाइल पर अपलोड करने जा रहा है, जिससे नोएडा वासियों को इन परियोजनाओं की जानकारी मिल सके। हालांकि, नोएडा प्राधिकरण की वेबसाइट पर इन परियोजनाओं को पहले से ही अपलोड किया जा रहा है, लेकिन ये परियोजनाएं अपडेट नहीं हो पातीं। इससे परियोजनाओं की ताजा स्थिति का पता नहीं चल पाता। मोबाइल ऐप से यह समस्या दूर हो जाएगी।
बिल्डरों के खिलाफ खरीदारों से मिल रही शिकायत की वास्तविकता जानने के लिए मौके पर जांच करने की पहल अटकती दिख रही है। प्राधिकरण के नियोजन विभाग की टीम बुधवार को किसी भी प्रोजेक्ट का मुआयना करने नहीं गई। प्राधिकरण की तरफ से कोई ठोस वजह भी नहीं बताई जा रही है।