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Delhi NCR News: मजनू का टीला में अवैध निर्माण पर डीडीए ने एमसीडी को ठहराया जिम्मेदार
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एनजीटी में हलफनामा दाखिल कर कहा- न्यू अरुणा नगर अनधिकृत कॉलोनी, कार्रवाई का अधिकार निगम के पास
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। मजनू का टीला स्थित न्यू अरुणा नगर में यमुना के डूब क्षेत्र (जोन-ओ) में बन रही कथित सात मंजिला अवैध इमारत के मामले में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में अपना पक्ष रखा है। डीडीए ने हलफनामे में कहा कि न्यू अरुणा नगर दिल्ली सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त 1,713 अनधिकृत कॉलोनियों में शामिल है। इसलिए यहां अवैध निर्माण रोकने और कार्रवाई करने का अधिकार दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के पास है। डीडीए के अनुसार, एमसीडी ने संबंधित संपत्ति को पहले ही अवैध निर्माण घोषित कर मालिक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है तथा ध्वस्तीकरण के आदेश भी पारित किए हैं। यह मामला रोहित त्यागी की याचिका पर एनजीटी पहुंचा, जिसमें आरोप लगाया गया है कि संपत्ति संख्या 984/129 पर बेसमेंट से सातवीं मंजिल तक बिना अनुमति निर्माण किया गया है। याचिका में इसे यमुना के संवेदनशील बाढ़ क्षेत्र में पर्यावरण नियमों का उल्लंघन बताया गया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। मजनू का टीला स्थित न्यू अरुणा नगर में यमुना के डूब क्षेत्र (जोन-ओ) में बन रही कथित सात मंजिला अवैध इमारत के मामले में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में अपना पक्ष रखा है। डीडीए ने हलफनामे में कहा कि न्यू अरुणा नगर दिल्ली सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त 1,713 अनधिकृत कॉलोनियों में शामिल है। इसलिए यहां अवैध निर्माण रोकने और कार्रवाई करने का अधिकार दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के पास है। डीडीए के अनुसार, एमसीडी ने संबंधित संपत्ति को पहले ही अवैध निर्माण घोषित कर मालिक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है तथा ध्वस्तीकरण के आदेश भी पारित किए हैं। यह मामला रोहित त्यागी की याचिका पर एनजीटी पहुंचा, जिसमें आरोप लगाया गया है कि संपत्ति संख्या 984/129 पर बेसमेंट से सातवीं मंजिल तक बिना अनुमति निर्माण किया गया है। याचिका में इसे यमुना के संवेदनशील बाढ़ क्षेत्र में पर्यावरण नियमों का उल्लंघन बताया गया है।