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‘नाइट लाइफ से ज्यादा नाइट शेल्टर की जरूरत’

Mon, 12 Oct 2015 05:46 PM IST
Updated Mon, 12 Oct 2015 05:46 PM IST
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dcw president says delhi need night shelters than night culture

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा है कि दिल्ली को नाइट लाइफ से ज्यादा नाइट शेल्टर की जरूरत है। नाइट शेल्टर में सुरक्षा और सुविधाएं बढ़ाई जानी चाहिए।

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शनिवार रात महिला नाइट शेल्टर में रात गुजारने के बाद मालिवाल ने तमाम खामियों और सर्दी में इंतजाम के लिए दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डुसिब), स्ट्रीट लाइट के लिए जिम्मेदार एजेंसी और दिल्ली पुलिस को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
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स्वाति मालिवाल ने शनिवार रात सदस्य सारिका चौधरी व दो अन्य महिला कार्यकर्ताओं के साथ तीन नाइट शेल्टर का दौरा किया और जामा मस्जिद शेल्टर में रात गुजारी।

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शेल्टरों से बच्चे भी हो रहे गायब

dcw president says delhi need night shelters than night culture

निजामुद्दीन और जामा मस्जिद शेल्टर में सुरक्षा की खामियां गिनवाते हुए स्वाति ने बताया कि महिला और पुरुष शेल्टर एक ही परिसर में हैं और सुरक्षा को लेकर कोई नियंत्रण नहीं है।

महिलाओं के लिए अलग से शौचालय भी नहीं है। जामा मस्जिद शेल्टर में सिर्फ एक महिला केयर टेकर है बाकी पुरुष गार्ड। इन गार्ड्स के दोस्त भी शेल्टर में आते रहते हैं।

टीम ने पाया कि जामा मस्जिद के पारिवारिक शेल्टर में परिवारों के बीच कोई परदा नहीं था। वहां लोगों ने बताया कि पिछले दस दिन में कई बच्चे गायब हुए हैं। एक चार साल की बच्ची तीन दिन से गायब है। मामले में आयोग की अध्यक्ष ने पुलिस से रिपोर्ट मांगी है।

शेल्टर में कई खामियां

dcw president says delhi need night shelters than night culture

महिला आयोग ने बताया कि जामा मस्जिद शेल्टर में संसाधनों की भी भारी कमी है। यहां 60 महिला-बच्चे समेत 110 लोग के लिए सिर्फ 4 शौचालय हैं। उसमें भी एक स्टाफ के लिए बंद रहता है।

यहां पानी की आपूर्ति भी खराब है। न खाना मिलता है और न ही बनाने की छूट है। जामा मस्जिद शेल्टर में तमाम महिलाएं खुले में सोती मिलीं।

एक मानसिक बीमार महिला को उसके एक महीने के बच्चे के साथ शेल्टर में रहने वालों ने बाहर निकाल दिया था जिसे वापस लाने की कोशिश महिला आयोग ने की है। वहीं, एक तेजाब पीड़िता भी बाहर सोती मिली।

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