सीसीटीवी से होगी पुत्रवधू की निगरानी
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चोर-उचक्कों की निगरानी के लिए सीसीटीवी लगाने की बात तो आपने खूब सूनी होगी। लेकिन क्या कभी बहू की निगरानी के लिए सीसीटीवी लगाने की बात सुनी है?
एक ट्रिब्युनल ने एक अधिकनियम का हवाला देते हुए यह आदेश दिया है कि पुत्रवधू पर नजर रखने के लिए घर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं।
दरअसल, माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण अधिनियम 2007 के तहत गठित एक ट्रिब्युनल ने पुत्रवधू पर निगरानी रखने के लिए घर में सीसीटीवी कैमरे लगाने के आदेश दे दिए हैं।
एक कर्नल ने की थी बहू की शिकायत
दरअसल सोमवार को माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण पोषण अधिनियम 2007 के तहत गठित एक ट्रिब्युनल मासिक सुनवाई कर रही थी।
इसी बीच एक कर्नल ने अपनी बहू की कुछ इस तरह की शिकायत कर दी कि ट्रिब्युनल ने उनके घर में सीसीटीवी लगाने के आदेश दे दिए।
यह अपने आप में इस तरह का पहला मामला है, जब किसी न्यायिक सिस्टम ने ऐसा फैसला सुनाया है। अब से पहले चोर-उचक्कों के लिए सीसीटीवी लगाने के फैसले दिए जाते रहे हैं। लेकिन अब बहू पर नजर रखने के लिए भी सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
क्या थी कर्नल की शिकायत?
एनआईटी निवासी कर्नल एनएस खत्री को अपनी पुत्रवधू के आचरण पर शक था। उनकी शिकायत थी कि उनकी पुत्रवधू किसी और के साथ मिलकर उन्हें मारने का प्लान बना रही है। इसलिए वह उसपर नजर रखना चाहते हैं।
बस इसी को ध्यान में रखकर ट्रिब्युनल ने पुत्रवधु की निगरानी के लिए घर में सीसीटीवी कैमरे लगवाने के आदेश दिए।
साथ ही ट्रिब्युनल ने कर्नल खत्री को भरोसा दिलाया कि उनकी सुरक्षा में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाएगी। कर्नल ने ट्रिब्युनल में पुत्रवधू के खिलाफ खराब व्यवहार करने की भी शिकायत की थी।
और क्या-क्या कर गई ये ट्रिब्युनल?
सोमवार को ट्रिब्युनल की मासिक सुनवाई में 10 मामले सुने गए। इस मौके पर ट्रिब्युनल के चेयरमैन एसडीएम धर्मेंद्र सिंह, सदस्य अनीस पाल और राजेश आर्य उपस्थित रहे।
एनएच पांच निवासी बाल किशन गुप्ता ने दिल्ली में रहने वाले अपने पुत्र अजय गुप्ता से गुजारा भत्ता दिलाने की मांग की। मामले की सुनवाई करते हुए ट्रिब्युनल ने आरोपी पुत्र को आदेश दिया कि वह प्रतिमाह अपने पिता को पांच हजार रुपये बतौर गुजारा भत्ता अदा करें।
सराय निवासी वृद्धा कमलेश ग्रोवर ने ट्रिब्युनल में अपने पुत्रों प्रदीप, प्रवीण व प्रवेश ग्रोवर से गुजारा भत्ता दिलवाने की मांग की। मामले की सुनवाई करते हुए ट्रिब्युनल ने प्रदीप को प्रतिमाह 2,500 व बिजली का बिल 5,500 रुपये तथा प्रवीण को 1,500 रुपये हर माह गुजारा भत्ते के रूप में अदा करने के आदेश दिए।