{"_id":"621f5d154dc0167f062d57e0","slug":"daughter-in-law-has-no-indefeasible-right-of-residence-in-shared-household-says-delhi-hc","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली हाईकोर्ट: बहू को संयुक्त घर में रहने का अधिकार नहीं, वैकल्पिक आवास प्रदान किया जाए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली हाईकोर्ट: बहू को संयुक्त घर में रहने का अधिकार नहीं, वैकल्पिक आवास प्रदान किया जाए
Wed, 02 Mar 2022 05:33 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Wed, 02 Mar 2022 05:33 PM IST
सार
अपीलकर्ता(दो नाबालिग बेटियों की मां) ने तर्क दिया था कि संपत्ति संयुक्त परिवार के फंड से और पैतृक संपत्ति की बिक्री आय से खरीदी गई थी। इस प्रकार उसे भी वहां रहने का अधिकार है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत बहू को संयुक्त घर में रहने का अधिकार नहीं है। उसे बुजुर्ग ससुराल वालों के आदेश पर बेदखल किया जा सकता है। दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति योगेश खन्ना एक बहू द्वारा निचली अदालत के आदेश के खिलाफ अपील पर सुनवाई कर रहे थे। जिसमें बहू को ससुराल में रहने का अधिकार नहीं दिया गया था। न्यायमूर्ति ने कहा कि अपीलकर्ता को उसकी शादी जारी रहने तक एक वैकल्पिक आवास प्रदान किया जाए। मामले में दोनों ससुराल वाले वरिष्ठ नागरिक हैं और शांति से जीवन जीने के हकदार हैं।
विज्ञापन
कहा कि दोनों पक्षों के बीच कटु संबंध हैं। इस दशा में वृद्ध माता-पिता के लिए अपीलकर्ता के साथ रहना उचित नहीं होगा। इसलिए यह उचित होगा कि यदि एक वैकल्पिक आवास प्रदान किया जाए। अदालत ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच संबंध सौहार्दपूर्ण नहीं थे और यहां तक कि अलग किराये के आवास में रहने वाले पति ने भी अपनी पत्नी के खिलाफ शिकायत की थी। उसने संपत्ति में किसी भी अधिकार का दावा नहीं किया है।
विज्ञापन
अदालत ने अपीलकर्ता की अपील को खारिज कर दिया। कहा कि अपीलकर्ता को उसके बेटे के साथ वैवाहिक संबंध होने तक वैकल्पिक आवास प्रदान करेगा। प्रतिवादी ससुर ने 2016 में निचली अदालत के समक्ष इस आधार पर कब्जे के लिए एक मुकदमा दायर किया था कि वह संपत्ति का पूर्ण मालिक था और अपीलकर्ता का पति उसका बेटा किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित हो गया था।
विज्ञापन