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ऑटो चालकों की बेरुखी से हुआ था दामिनी से रेप!
अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 18 Jan 2014 01:45 PM IST
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वसंत विहार में 16 दिसंबर, 2012 को सामूहिक दुष्कर्म की वारदात
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के मद्देनजर चालकों की यह क्लास शुरू की गई है। विभाग के अधिकारी ने बताया
कि दो गैर सरकारी संगठनों की मदद से क्लास में चालकों को लिंग संवेदीकरण
समेत कई अन्य जानकारियां दी जा रही हैं।
वसंत विहार में वारदात से पूर्व युवती व उसके दोस्त ने ऑटो चालकों से गंतव्य तक जाने के लिए पूछा था। अगर कोई चालक जाने को तैयार हो जाता तो शायद ऐसी वारदात न होती। इसी को देखते हुए दिल्ली में ऑटो रिक्शा और टैक्सी की फिटनेस से पहले परिवहन विभाग ने चालकों की दो घंटे की क्लास शुरू कर दी है।
इस संबंध में आदेश एक जनवरी से लागू होना था, लेकिन चालक क्लास में नहीं पहुंचे थे। इसे देखते हुए विभाग ने फिटनेस संबंधी प्रमाणपत्र लेने के लिए क्लास लेना अनिवार्यता कर दिया है। वहीं ऑटो-टैक्सी संगठनों ने 130 रुपये क्लास फीस लेने के परिवहन विभाग के आदेश का विरोध शुरू कर दिया है।
वहीं प्राइवेट ट्रांसपोर्ट मजदूर महासंघ के अध्यक्ष राजेंद्र सोनी ने कहा कि ऑटो रिक्शा चालकों से क्लास के बदले 130 रुपये लेना गलत है। लाइसेंस के नवीनीकरण और बैज बनाने के समय भी चालक दो दिन की क्लास लेते हैं। तो फिर यह नई क्लास क्यों? अगर सरकार को यह क्लास अनिवार्य करनी है तो बिना शुल्क कराए, नहीं तो इसकी अनिवार्यता खत्म करें।
वसंत विहार में वारदात से पूर्व युवती व उसके दोस्त ने ऑटो चालकों से गंतव्य तक जाने के लिए पूछा था। अगर कोई चालक जाने को तैयार हो जाता तो शायद ऐसी वारदात न होती। इसी को देखते हुए दिल्ली में ऑटो रिक्शा और टैक्सी की फिटनेस से पहले परिवहन विभाग ने चालकों की दो घंटे की क्लास शुरू कर दी है।
इस संबंध में आदेश एक जनवरी से लागू होना था, लेकिन चालक क्लास में नहीं पहुंचे थे। इसे देखते हुए विभाग ने फिटनेस संबंधी प्रमाणपत्र लेने के लिए क्लास लेना अनिवार्यता कर दिया है। वहीं ऑटो-टैक्सी संगठनों ने 130 रुपये क्लास फीस लेने के परिवहन विभाग के आदेश का विरोध शुरू कर दिया है।
वहीं प्राइवेट ट्रांसपोर्ट मजदूर महासंघ के अध्यक्ष राजेंद्र सोनी ने कहा कि ऑटो रिक्शा चालकों से क्लास के बदले 130 रुपये लेना गलत है। लाइसेंस के नवीनीकरण और बैज बनाने के समय भी चालक दो दिन की क्लास लेते हैं। तो फिर यह नई क्लास क्यों? अगर सरकार को यह क्लास अनिवार्य करनी है तो बिना शुल्क कराए, नहीं तो इसकी अनिवार्यता खत्म करें।
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