{"_id":"5ad413114f1c1b9e098b4ccc","slug":"d-company-member-saleem-big-disclosure-for-the-wasim-rizvi-murder","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"...तो इसलिए टलती जा रही थी शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन की हत्या, डी कंपनी के गुर्गे ने उगला सच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
...तो इसलिए टलती जा रही थी शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन की हत्या, डी कंपनी के गुर्गे ने उगला सच
पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, दिल्ली
Updated Mon, 16 Apr 2018 10:39 AM IST
विज्ञापन
salim d company member
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी की हत्या की वारदात कुछ समय के लिए इसलिए टल गई थी कि सलीम ने छोटा शकील के गुर्गों से और पैसे मांगे थे। सलीम ने दुबई भेजे मैसेज में कहा था कि वसीम रिजवी की हत्या की सुपारी के तौर पर जो पैसे दिए गए थे, वे हथियार खरीदने और रेकी करने में खर्च हो गए।
वारदात के लिए और भी पैसे खर्च होंगे। उसे पैसे की जरूरत है। बदमाशों ने दुबई में सलीम को तीन हजार दिरहम यानी करीब 54 हजार रुपये दिए थे। स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सलीम दुबई में दाऊद इब्राहिम के खास छोटा शकील के बदमाशों इकबाल व सलीम से बात करता था।
इन लोगों ने ही उसे हत्या की सुपारी दी थी। सलीम इनसे ज्यादातर व्हाट्स एप पर बात करता था। हालांकि उसने दुबई कुछ फोन भी किए हैं। सलीम के मांगने पर बदमाशों ने सलीम व इकबाल ने उसे पैसे नहीं दिए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
वारदात के लिए और भी पैसे खर्च होंगे। उसे पैसे की जरूरत है। बदमाशों ने दुबई में सलीम को तीन हजार दिरहम यानी करीब 54 हजार रुपये दिए थे। स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सलीम दुबई में दाऊद इब्राहिम के खास छोटा शकील के बदमाशों इकबाल व सलीम से बात करता था।
विज्ञापन
इन लोगों ने ही उसे हत्या की सुपारी दी थी। सलीम इनसे ज्यादातर व्हाट्स एप पर बात करता था। हालांकि उसने दुबई कुछ फोन भी किए हैं। सलीम के मांगने पर बदमाशों ने सलीम व इकबाल ने उसे पैसे नहीं दिए थे।
विज्ञापन
salim d company member
- फोटो : अमर उजाला
इन लोगों ने सलीम से कहा था कि वह वसीम रिजवी की हत्या से पहले कोई और वारदात करके दिखाए, ताकि उन्हें विश्वास हो जाए कि वह हत्या कर सकता है। सलीम ने कहा था कि वह वारदात कर सकता है, मगर कुछ पैसे चाहिए। इसी कारण वारदात टलती जा रही थी।
सलीम फरवरी में दुबई से भारत आ गया था। काफी दिन बाद भी वसीम रिजवी पर हमला न होने से अंडवर्ल्ड को लगता था कि वह वारदात नहीं कर पाएगा। सलीम ने अबरार, आरिफ व धर्मेंद्र से कई बार कहा था कि अब वे दाऊद इब्राहिम के आदमी हो गए हैं। उन्हें किसी से डरने की जरूरत नहीं है।
स्पेशल सेल के अधिकारी ने बताया कि सलीम ने वारदात को अंजाम देने के लिए हथियार बुलंदशहर से ही कुछ दिन पहले खरीदे थे।
सलीम फरवरी में दुबई से भारत आ गया था। काफी दिन बाद भी वसीम रिजवी पर हमला न होने से अंडवर्ल्ड को लगता था कि वह वारदात नहीं कर पाएगा। सलीम ने अबरार, आरिफ व धर्मेंद्र से कई बार कहा था कि अब वे दाऊद इब्राहिम के आदमी हो गए हैं। उन्हें किसी से डरने की जरूरत नहीं है।
स्पेशल सेल के अधिकारी ने बताया कि सलीम ने वारदात को अंजाम देने के लिए हथियार बुलंदशहर से ही कुछ दिन पहले खरीदे थे।