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दिल्ली के 1080 जलाशयों पर संकट: ज्यादातर अतिक्रमण की चपेट में, नमभूमि प्राधिकरण की रिपोर्ट में खुलासा
Sun, 12 Jul 2026 08:53 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 12 Jul 2026 08:53 AM IST
सार
यह खुलासा दिल्ली नमभूमि प्राधिकरण की स्थिति रिपोर्ट में हुआ है। इस रिपोर्ट को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के 9 जुलाई के निर्देश पर दाखिल किया गया।
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सांकेतिक
विस्तार
दिल्ली में चिह्नित 1,080 जलाशयों (वाटर बॉडीज) में बड़ी संख्या अतिक्रमण, सूखने और गंभीर जल प्रदूषण जैसी समस्याओं से जूझ रही है। यह खुलासा दिल्ली नमभूमि प्राधिकरण की स्थिति रिपोर्ट में हुआ है। इस रिपोर्ट को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के 9 जुलाई के निर्देश पर दाखिल किया गया। इसमें दिल्ली की 16 भूमि स्वामित्व वाली एजेंसियों से प्राप्त आंकड़े शामिल हैं। इनमें दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), राजस्व विभाग, नगर निगम (एमसीडी), दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी), वन विभाग, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) समेत अन्य एजेंसियां शामिल हैं।
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रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में सबसे अधिक 291 जलाशय हैं। इसके बाद आउटर नॉर्थ में 266, दक्षिण दिल्ली में 156, उत्तर-पूर्व में 56, पूर्व में 52, दक्षिण-पूर्व में 49, पश्चिम में 42, उत्तर में 40, सेंट्रल नॉर्थ में 29, सेंट्रल दिल्ली में 14 और नई दिल्ली में केवल पांच जलाशय दर्ज किए गए हैं। स्वामित्व के आधार पर सबसे अधिक 856 जलाशय डीडीए के अधिकार क्षेत्र में हैं। इसके अलावा राजस्व विभाग के पास 130, वन विभाग के पास 28, एमसीडी के पास 24, एएसआई के पास 16, डीजेबी के पास छह और सीपीडब्ल्यूडी के पास पांच जलाशय हैं।
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95 जलाशयों की जल गुणवत्ता बेहद खराब
डीडीए ने 182 जलाशयों के संरक्षण और पुनर्जीवन की कार्ययोजना तैयार की है। हालांकि, जिन 108 जलाशयों की जल गुणवत्ता की जांच की गई, उनमें केवल 11 की गुणवत्ता अच्छी और दो की सामान्य पाई गई, जबकि 95 जलाशयों का पानी खराब श्रेणी में मिला। डीडीए के अनुसार उसके अधिकार क्षेत्र में 181 जलाशय सूख चुके हैं, 126 पर अतिक्रमण है और 111 का सीमांकन पूरा हो चुका है। वहीं, 20 जलाशयों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का उपचारित पानी छोड़ा जा रहा है।
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