हीरो बनने के लिए बन गया विलेन, मुंबई जाकर अभिनय में आजमा चुका है हाथ
वह फिल्मों में अभिनेता बनना चाहता था, लेकिन पैसे नहीं थे इसलिए झपटमारी करने लगा। पुलिस ने ऐसे ही एक आरोपी को पकड़ा है। उस पर हत्या के प्रयास के आठ मामले दर्ज हैं। पुलिस को झपटमारी के कई मामलों में उसकी तलाश थी।
वह मुंबई जाकर फिल्मों में हाथ भी आजमा चुका है, लेकिन कामयाबी न मिलने पर दिल्ली वापस आ गया और नशे का आदी हो गया। उसके पास से चोरी की बाइक, पिस्टल और दो कारतूस मिले हैं। जिला पुलिस उपायुक्त शिबेश सिंह ने बताया कि आरोपी की पहचान नजफगढ़ निवासी दीपक के रूप में हुई है।
जिले में बढ़ती झपटमारी को देखते हुए स्पेशल स्टाफ एसआई नवीन कुमार के नेतृत्व में पुलिस बदमाशों की पहचान में जुटी थी। इस दौरान सूचना मिली कि दीपक ककरौला मोड़ के पास आने वाला है। सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।
उसके पास से उत्तम नगर से चोरी की गई एक बाइक, पिस्टल और कारतूस मिले है। पुलिस ने बताया कि दीपक मूलत: भोड़ाकलां, पटौदी (हरियाणा) का रहने वाला है। उसके पिता पूर्व सेनाकर्मी है। बचपन में ही दीपक का परिवार पालम इलाके में आ गया था।
संजय दत्त की फिल्मों से प्रभावित
पुलिस के मुताबिक, सातवीं की पढ़ाई के दौरान वह गलत संगत में पड़ गया और नशा करने लगा। वह अभिनेता संजय दत्त की फिल्म ‘खलनायक’ और ‘वास्तव’ से प्रभावित था। वह फिल्म अभिनेता बनना चाहता था, लेकिन फिल्मों में काम करने के लिए रुपये की जरूरत थी इसलिए वह अपने छोटे भाई नितिन के साथ झपटमारी और वाहन चोरी करने लगा।
50 हजार का था इनाम
2008 में पहली बार पालम थाना पुलिस ने उसे हत्या के प्रयास के में गिरफ्तार किया। जेल से निकलने के बाद वह भाई के साथ मिलकर लूटपाट और झपटमारी करने लगा। इसके बाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया।
वर्ष 2013 में फिल्मी दुनिया में हाथ आजमाने के लिए वह मुंबई चला गया, लेकिन वहां उसे निराशा हाथ लगी। सारे रुपये खत्म होने पर वह दिल्ली आ गया और नशे के साथ-साथ झपटमारी करने लगा। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी से झपटमारी व वाहन चोरी के छह मामले सुलझाने का दावा किया है।