रोबोट बनाने के सपने के बीच में जब आने लगी पैसों की कमी तो बन गया लुटेरा
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पुलिस की अपराध शाखा ने शातिर गिरोह के पांच लुटेरों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक राष्ट्रीय स्तर का ताइक्वांडो खिलाड़ी और कथित तौर पर एक रोबोट का ब्ल्यू प्रिंट निर्माता है।
पैसे जुटाकर रोबोटिक ड्रीम को पूरा करने के लिए वह गिरोह में शामिल हुआ। पुलिस ने बदमाशों से पांच से देशी कट्टे, आठ कारतूस, दो लैपटॉप, पांच मोबाइल फोन, सोने के आभूषण और एक मोटर साइकिल बरामद की है। यह गिरोह राजधानी के वेस्ट, साउथ-वेस्ट और रोहिणी जिले में सक्रिय था।
पुलिस उपायुक्त भीष्म सिंह के मुताबिक,पुलिस टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर 1 सितंबर को अमित यादव उर्फ रजनीश (22) और विकास पुरी (21) निवासी उत्तम नगर सहित नजफगढ़ निवासी विकास (24) को नजफगढ़ नाला रोड से एक चोरी की मोटर साइकिल के साथ धर दबोचा।
ड्रीम रोबोट को तैयार करने में जुटा हुआ है
इस दौरान तीनों बदमाशों ने मौके से भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर पिस्तौल तान दी, लेकिन पुलिस टीम ने तीनों बदमाशों को धर दबोचा। पूछताछ में खुलासा हुआ कि अमित यादव इस गिरोह की सरगना है और कुछ समय पहले ही जेल से छूटकर आया है।
2 सितंबर को पुलिस ने गिरोह के दो अन्य सदस्य सिद्धार्थ शर्मा उर्फ अंकित (20) निवासी सैनिक इंक्लेव और गौरव (20) निवासी विकास नगर को भी धर दबोचा। पूछताछ में खुलासा हुआ कि सिद्धार्थ राष्ट्रीय स्तर का ताइक्वांडो खिलाड़ी है।
सिद्धार्थ ने दावा किया है कि उसने रोबोटिक सीखी है और अपने ड्रीम रोबोट को तैयार करने में जुटा हुआ है। लेकिन पैसों की कमी के कारण वह अपना रोबोट तैयार नहीं कर पा रहा था। इस बीच वह राज नामक शख्स के जरिये अमित यादव की संपर्क में आया और फिर गिरोह के साथ मिलकर लूट की वारदातों को अंजाम देने लगा।
वहीं गौरव ताइक्वांडो ट्रेनिंग में सिद्धार्थ का साथी है, जो उसके प्रोजेक्ट में मदद करने के लिए उसके साथ आपराधिक वारदातों में लिप्त हो गया। सिद्धार्थ और गौरव 28 अगस्त को विकासपुरी इलाके में दूध सप्लायर से गन प्वाइंट पर हुई 3.18 लाख की लूट में लिप्त थे। इनकी गिरफ्तारी से पुलिस ने कई लूट की वारदातों को सुलझाया है।