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एक माह से स्कूल नहीं जा रही थी सायरा
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Tue, 26 Jan 2016 01:23 AM IST
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सायरा ने सुसाइड क्यों किया? न स्कूल फ्रेंड्स जानते हैं, न कोच और न पुलिस। फैमिली भी अनजान है। हालांकि सायरा के पिता जयदीप का कहना है कि सायरा करीब सवा महीने स्कूल नहीं जा रही थी, क्योंकि स्कूल ने करीब 45 हजार रुपये ट्रांसपोर्टेशन चार्ज लगा दिया था।
जबकि पहले कभी कोई फीस उनसे नहीं ली गई थी। उन्होंने मैनेजमेंट से कहा था कि वह बाद में तय करेंगे कि चार्ज दे पाएंगे या नहीं। बकौल जयदीप, एक सप्ताह पहले मैनेजमेंट ने उनसे संपर्क किया था कि सायरा की फीस माफ कर दी गई है, उसके एग्जाम करा दीजिए। तब सायरा स्कूल गई थी।
जयदीप ने बताया कि सायरा ने सुसाइड क्यों किया, यह तो नहीं पता। सारा घर खंगाल लिया, सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। उसने यह कदम बिना किसी वजह तो नहीं उठाया होगा, हो सकता है किसी वजह से डिप्रेशन में हो, मगर वह वजह क्या है, उसका अभी पता नहीं, वह अपने स्तर से भी पता कर रहे हैं कि उसने ऐसा क्यों किया।
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दूसरी तरफ, स्कूल मैनेजमेंट का कहना है कि पांचवीं क्लास से सायरा से फीस नहीं ली जा रही थी। दसवीं के बाद 11वीं पैटर्न बदला था, इस वजह से चार्ज लग गया था और नोटिस इनके घर चला गया था।
जिसे जानकारी के बाद माफ कर दिया गया था।वैसे भी सायरा को होनहार होने की वजह से छूट थी कि वह बाद में अपने एग्जाम दे सकती थी।
सायरा के कोच राजू का कहना है कि सायरा ने उससे कहा था कि वह अब प्रैक्टिस करने नहीं आ पाएगी, क्योंकि उसे एग्जाम की तैयारी करनी है।
शनिवार को सायरा ने अंग्रेजी लैंग्वेज का पेपर दिया था। सोमवार को मनोविज्ञान का यूनिट टेस्ट था, जिसकी तैयारी वह रात में कर रही थीं। सायरा चार बहनों में तीसरे नंबर की थी। दो बड़ी बहनों की शादी हो चुकी है।
छोटी बहन विभू इंग्राहम इंस्टीट्यूट में सातवीं क्लास में पढ़ती है। पिता जयदीप ने बताया कि रविवार को घर पर मेहमान आए थे। सायरा ने सबके साथ रात साढे़ दस बजे खाना खाया था। सोमवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद रईसपुर के श्मशान में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
स्कूल बैग पर चढ़कर लगाया था फंदा
सायरा ने स्कूल बैग पर पैर रखकर शॉल से फंदा लगाया था। परिजनों को स्कूल बैग फर्श पर पड़ा मिला था।
28 अक्तूबर से अपडेट नहीं किया था फेसबुक
गाजियाबाद। सायरा के फेसबुक प्रोफाइल देखने पर पता चलता है कि उन्होंने 28 अक्तूबर को आखिरी बार फेसबुक को अपडेट किया था। उन्होंने 10 बजकर 26 मिनट पर एक फोटो अपलोड की हुई है, जिसमें वह एक हाथ में अवार्ड और बुके, दूसरे में माइक लिए हुए खड़ी हैं। इसी दिन 9 बजकर 14 मिनट पर भी सहेली केसाथ सेल्फी डाली हुई है।
एफबी पर वह टाई स्वीमिंग ग्रुप और देल्ही पब्लिक स्कूल गाजियाबाद से भी जुड़ी थीं। उनके फेसबुक पर जो भी फोटो हैं, सबमें वह मुस्कुराते हुए है। परिवारवाले, फ्रेंड्स और कोच सबका भी यही कहना है कि वह हंसमुख थी।
ये हैं सायरा की खास उपलब्धियां
- नवंबर 2015 में सीबीएसई नेशनल स्वीमिंग में बनाया था नया रिकॉर्ड
- 50 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक में 35.70 सेकेंड के साथ नया कीर्तिमान किया था स्थापित
- सीबीएसई नेशनल में जीते तीन गोल्ड मेडल
- यूपी स्टेट स्वीमिंग में दो गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीता
- सीबीएसई ईस्ट जोन स्वीमिंग में तीन गोल्ड और एक ब्रांज मेडल किया हासिल
- 2014 में यूपी स्टेट जूनियर एक्वाटिक चैंपियन में बनाया रिकार्ड
- 50 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक में 39.17 सेकेंड में बनाया स्टेट रिकार्ड
- 8 साल की उम्र में लगातार 16 घंटे 35 मिनट तैरकर 38 किमी तैराकी की
सायरा की खातिर पिता ने लिया था वीआरएस
सायरा को तैराकी के लिए बाहर जाना पड़ता था। उसकी देखरेख और स्वीमिंग में बेहतर कर सके, इसलिए उसके पिता जयदीप ने तीन साल पहले वीआरएस ले लिया था। उस वक्त वह बागपत में हेड कांस्टेबल थे।
परिजन बोले, मोबाइल इस्तेमाल नहीं करती थी सायरा
सायरा केपरिजनों का दावा है कि वह मोबाइल इस्तेमाल नहीं करती थीं। माता-पिता के मोबाइल का इस्तेमाल ही दोस्तों और कोच से बातचीत करने के लिए करती थीं।
कोच बोले, अब नहीं देना चाहता किसी को ट्रेनिंग
सायरा के कोच राजू भी बेहद दुखी हैं। उन्होंने बताया कि वह सायरा को सात-आठ साल से ट्रेनिंग दे रहे हैं। फिलहाल एग्जाम की तैयारी की वजह से वह ट्रेनिंग नहीं कर रही थी। उनकी रविवार शाम भी सायरा से बात हुई थी। वह सामान्य थी। रात करीब दो ढाई बजे सायरा के पिता ने उन्हें फोन करके उसकी आत्महत्या की जानकारी दी। वह इस कदर आहत हैं कि अब किसी को ट्रेनिंग नहीं देना चाहते हैं।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, सांत्वना देने वालों का तांता
सायरा की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मां और बहन के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे। पिता की आंखें नम हैं। रिश्तेदार और आसपड़ोस के लोग भी गमजदा हैं। घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा है।
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जबकि पहले कभी कोई फीस उनसे नहीं ली गई थी। उन्होंने मैनेजमेंट से कहा था कि वह बाद में तय करेंगे कि चार्ज दे पाएंगे या नहीं। बकौल जयदीप, एक सप्ताह पहले मैनेजमेंट ने उनसे संपर्क किया था कि सायरा की फीस माफ कर दी गई है, उसके एग्जाम करा दीजिए। तब सायरा स्कूल गई थी।
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जयदीप ने बताया कि सायरा ने सुसाइड क्यों किया, यह तो नहीं पता। सारा घर खंगाल लिया, सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। उसने यह कदम बिना किसी वजह तो नहीं उठाया होगा, हो सकता है किसी वजह से डिप्रेशन में हो, मगर वह वजह क्या है, उसका अभी पता नहीं, वह अपने स्तर से भी पता कर रहे हैं कि उसने ऐसा क्यों किया।
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दूसरी तरफ, स्कूल मैनेजमेंट का कहना है कि पांचवीं क्लास से सायरा से फीस नहीं ली जा रही थी। दसवीं के बाद 11वीं पैटर्न बदला था, इस वजह से चार्ज लग गया था और नोटिस इनके घर चला गया था।
जिसे जानकारी के बाद माफ कर दिया गया था।वैसे भी सायरा को होनहार होने की वजह से छूट थी कि वह बाद में अपने एग्जाम दे सकती थी।
सायरा के कोच राजू का कहना है कि सायरा ने उससे कहा था कि वह अब प्रैक्टिस करने नहीं आ पाएगी, क्योंकि उसे एग्जाम की तैयारी करनी है।
शनिवार को सायरा ने अंग्रेजी लैंग्वेज का पेपर दिया था। सोमवार को मनोविज्ञान का यूनिट टेस्ट था, जिसकी तैयारी वह रात में कर रही थीं। सायरा चार बहनों में तीसरे नंबर की थी। दो बड़ी बहनों की शादी हो चुकी है।
छोटी बहन विभू इंग्राहम इंस्टीट्यूट में सातवीं क्लास में पढ़ती है। पिता जयदीप ने बताया कि रविवार को घर पर मेहमान आए थे। सायरा ने सबके साथ रात साढे़ दस बजे खाना खाया था। सोमवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद रईसपुर के श्मशान में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
स्कूल बैग पर चढ़कर लगाया था फंदा
सायरा ने स्कूल बैग पर पैर रखकर शॉल से फंदा लगाया था। परिजनों को स्कूल बैग फर्श पर पड़ा मिला था।
28 अक्तूबर से अपडेट नहीं किया था फेसबुक
गाजियाबाद। सायरा के फेसबुक प्रोफाइल देखने पर पता चलता है कि उन्होंने 28 अक्तूबर को आखिरी बार फेसबुक को अपडेट किया था। उन्होंने 10 बजकर 26 मिनट पर एक फोटो अपलोड की हुई है, जिसमें वह एक हाथ में अवार्ड और बुके, दूसरे में माइक लिए हुए खड़ी हैं। इसी दिन 9 बजकर 14 मिनट पर भी सहेली केसाथ सेल्फी डाली हुई है।
एफबी पर वह टाई स्वीमिंग ग्रुप और देल्ही पब्लिक स्कूल गाजियाबाद से भी जुड़ी थीं। उनके फेसबुक पर जो भी फोटो हैं, सबमें वह मुस्कुराते हुए है। परिवारवाले, फ्रेंड्स और कोच सबका भी यही कहना है कि वह हंसमुख थी।
ये हैं सायरा की खास उपलब्धियां
- नवंबर 2015 में सीबीएसई नेशनल स्वीमिंग में बनाया था नया रिकॉर्ड
- 50 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक में 35.70 सेकेंड के साथ नया कीर्तिमान किया था स्थापित
- सीबीएसई नेशनल में जीते तीन गोल्ड मेडल
- यूपी स्टेट स्वीमिंग में दो गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीता
- सीबीएसई ईस्ट जोन स्वीमिंग में तीन गोल्ड और एक ब्रांज मेडल किया हासिल
- 2014 में यूपी स्टेट जूनियर एक्वाटिक चैंपियन में बनाया रिकार्ड
- 50 मीटर ब्रेस्ट स्ट्रोक में 39.17 सेकेंड में बनाया स्टेट रिकार्ड
- 8 साल की उम्र में लगातार 16 घंटे 35 मिनट तैरकर 38 किमी तैराकी की
सायरा की खातिर पिता ने लिया था वीआरएस
सायरा को तैराकी के लिए बाहर जाना पड़ता था। उसकी देखरेख और स्वीमिंग में बेहतर कर सके, इसलिए उसके पिता जयदीप ने तीन साल पहले वीआरएस ले लिया था। उस वक्त वह बागपत में हेड कांस्टेबल थे।
परिजन बोले, मोबाइल इस्तेमाल नहीं करती थी सायरा
सायरा केपरिजनों का दावा है कि वह मोबाइल इस्तेमाल नहीं करती थीं। माता-पिता के मोबाइल का इस्तेमाल ही दोस्तों और कोच से बातचीत करने के लिए करती थीं।
कोच बोले, अब नहीं देना चाहता किसी को ट्रेनिंग
सायरा के कोच राजू भी बेहद दुखी हैं। उन्होंने बताया कि वह सायरा को सात-आठ साल से ट्रेनिंग दे रहे हैं। फिलहाल एग्जाम की तैयारी की वजह से वह ट्रेनिंग नहीं कर रही थी। उनकी रविवार शाम भी सायरा से बात हुई थी। वह सामान्य थी। रात करीब दो ढाई बजे सायरा के पिता ने उन्हें फोन करके उसकी आत्महत्या की जानकारी दी। वह इस कदर आहत हैं कि अब किसी को ट्रेनिंग नहीं देना चाहते हैं।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, सांत्वना देने वालों का तांता
सायरा की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मां और बहन के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे। पिता की आंखें नम हैं। रिश्तेदार और आसपड़ोस के लोग भी गमजदा हैं। घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा है।