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बच्चों की सूझबूझ से किडनैपिंग हुई नाकाम, भागा ऑटाे चालक
अमर उजाला, मुरादनगर
Updated Tue, 17 Nov 2015 01:04 AM IST
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स्कूल बस निकलने पर ऑटो में स्कूल जा रहे तीन भाई-बहन का ऑटो चालक ने अपहरण कर लिया। लेकिन बच्चों की सूझबूझ के कारण वह अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो सका।
शक होने पर बच्चों ने शोर मचाया तो ऑटो चालक उन्हें सुराना हिंडन नदी के पास छोड़कर भाग गया। करीब 14 किलोमीटर पैदल घर पहुंचकर बच्चों ने परिजनों को आपबीती बताई।
उधर, बच्चों के स्कूल नहीं पहुंचने और कोई सुराग न लगने की वजह से करीब साढ़े चार घंटे परिजनों की सांसें अटकी रहीं। इस बीच परिजनों ने बच्चों के गुम होने की सूचना पुलिस को भी दी। बच्चों के सकुशल घर पहुंचने पर परिजनों ने राहत सांस ली।
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पठानान कॉलोनी में मुनेश परिवार के साथ रहता है। परिवार में पत्नी प्रीति, बेटी स्वाति (16), मानसी (13), वर्शी(12), खुशी (3) और बेटा शिवम (10) हैं।
मुनेश चिनाई मिस्त्री है और प्रीति कॉलोनी के पास ही जूतों की दुकान करती हैं। प्रीति ने बताया कि रावली रोड स्थित सिद्धार्थ इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में मानसी कक्षा दस, शिवम पांचवीं और खुशी तीसरी में पढ़ती है।
सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे स्कूल की बस निकलने के कारण उन्होंने तीनों बच्चों को रावली रोड चुंगी पुलिस चौकी के पास से स्कूल जाने के लिए ऑटो में बैठा दिया था। करीब नौ बजे उन्होंने पड़ोसी सौरभ को बच्चों को देखने स्कूल भेजा।
सौरभ ने स्कूल पहुंचकर फोन पर सूचना दी कि बच्चे वहां नहीं पहुंचे हैं। प्रीति ने थाने में सूचना दी। करीब डेढ़ बजे रोते बिलखते बच्चे वापस घर पहुंचे।
बच्चों ने बताया कि स्कूल आने पर उन्होंने चालक से ऑटो रोकने को कहा था, मगर चालक ने ऑटो की स्पीड तेज कर दी और उनके शोर मचाने पर सुराना गांव में हिंडन नदी के पास उन्हें उतारकर ऑटो लेकर चालक भाग गया। एसओ ने बताया कि ऑटो चालक की तलाश की जा रही है।
पैरेंट्स बरतें सावधानी
किसी अजनबी के सहारे बच्चों को न छोड़ें
स्कूल बस मिस हो जाए तो खुद ही बच्चों को छोड़ने जाएं
ऑटो से भेजें तो स्कूल में कंफर्म करें कि बच्चा पहुंचा या नहीं
ऑटो का नंबर अवश्य नोट करें ताकि जरूरत पर पुलिस की मदद ली जा सके
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शक होने पर बच्चों ने शोर मचाया तो ऑटो चालक उन्हें सुराना हिंडन नदी के पास छोड़कर भाग गया। करीब 14 किलोमीटर पैदल घर पहुंचकर बच्चों ने परिजनों को आपबीती बताई।
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उधर, बच्चों के स्कूल नहीं पहुंचने और कोई सुराग न लगने की वजह से करीब साढ़े चार घंटे परिजनों की सांसें अटकी रहीं। इस बीच परिजनों ने बच्चों के गुम होने की सूचना पुलिस को भी दी। बच्चों के सकुशल घर पहुंचने पर परिजनों ने राहत सांस ली।
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पठानान कॉलोनी में मुनेश परिवार के साथ रहता है। परिवार में पत्नी प्रीति, बेटी स्वाति (16), मानसी (13), वर्शी(12), खुशी (3) और बेटा शिवम (10) हैं।
मुनेश चिनाई मिस्त्री है और प्रीति कॉलोनी के पास ही जूतों की दुकान करती हैं। प्रीति ने बताया कि रावली रोड स्थित सिद्धार्थ इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में मानसी कक्षा दस, शिवम पांचवीं और खुशी तीसरी में पढ़ती है।
सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे स्कूल की बस निकलने के कारण उन्होंने तीनों बच्चों को रावली रोड चुंगी पुलिस चौकी के पास से स्कूल जाने के लिए ऑटो में बैठा दिया था। करीब नौ बजे उन्होंने पड़ोसी सौरभ को बच्चों को देखने स्कूल भेजा।
सौरभ ने स्कूल पहुंचकर फोन पर सूचना दी कि बच्चे वहां नहीं पहुंचे हैं। प्रीति ने थाने में सूचना दी। करीब डेढ़ बजे रोते बिलखते बच्चे वापस घर पहुंचे।
बच्चों ने बताया कि स्कूल आने पर उन्होंने चालक से ऑटो रोकने को कहा था, मगर चालक ने ऑटो की स्पीड तेज कर दी और उनके शोर मचाने पर सुराना गांव में हिंडन नदी के पास उन्हें उतारकर ऑटो लेकर चालक भाग गया। एसओ ने बताया कि ऑटो चालक की तलाश की जा रही है।
पैरेंट्स बरतें सावधानी
किसी अजनबी के सहारे बच्चों को न छोड़ें
स्कूल बस मिस हो जाए तो खुद ही बच्चों को छोड़ने जाएं
ऑटो से भेजें तो स्कूल में कंफर्म करें कि बच्चा पहुंचा या नहीं
ऑटो का नंबर अवश्य नोट करें ताकि जरूरत पर पुलिस की मदद ली जा सके