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150 लोगों से एक करोड़ की ठगी करने वाले चार गिरफ्तार

Sun, 17 Jan 2016 12:39 AM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Sun, 17 Jan 2016 12:39 AM IST
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The four arrested 150 people one million swindle.
बैंक से सस्ती ब्याज दर पर लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले चार आरोपियों को कविनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने ठगी के लिए एक वेबसाइट बनाकर एजेंट भी रखे थे।
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ये ठग एनसीआर के  करीब 150 लोगों को शिकार बनाकर एक करोड़ से ज्यादा की रकम ठग चुके  हैं। इनके कब्जे से 4 लाख की नगदी, 2 सीपीयू, 2 एलसीडी, 2 प्रिंटर, 125 ग्राहकों की फाइलें व कंपनी मुहर बरामद हुई है। गैंग में दिल्ली के कुछ अधिवक्ता भी शामिल हैं। उनकी तलाश की जा रही है।
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एसपी सिटी डॉ. अजयपाल शर्मा ने बताया कि पकडे़ गए बदमाश शाहनवाज मेरठ के खरखौदा, जफर खान गुड़गांव, रहमान मुजफ्फरनगर और मौ. एजाज मेरठ के सिंधावली का है।

मास्टर माइंड बीए सेकेंड ईयर का छात्र शाहनवाज और एजाज हैं। इन्होंने ढाई माह पहले मिलियन बिजनेस सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी की वेबसाइट बनाई।
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आरडीसी में किराए पर ऑफिस लिया। एजाज के दोस्त रहमान और जफर खान भी पार्टनर बन गए और ठगी का धंधा शुरू कर दिया। इनके शिकार हुए एक कारोबारी की शिकायत पर जांच हुई तो फर्जीवाड़ा खुला। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर ऑफिस सील कर दिया।

वकील का पेंच फंसाकर करते थे ठगी
एसपी सिटी ने बताया कि गैंग से सात-आठ अधिवक्ता भी जुडे़ हैं। अधिवक्ताओं को लोन कंपनी का कानूनी सलाहकार बताया जाता था। लोन लेने वाले व्यक्ति से पहले टोकन मनी जमा कराई जाती थी, फिर उसके गारंटर से पूछताछ की जाती थी।

अधिवक्ता गारंटर के कागजों में ऐसा पेंच फंसा देते थे कि वह गारंटी लेने से इंकार कर देता था। ऐसे में लोन लेने वाले व्यक्ति द्वारा जमा की गई टोकन मनी जब्त कर ली जाती थी।

कारोबारी की शिकायत पर पकड़ा गया गैंग
एसएचओ कविनगर अशोक सिसौदिया ने बताया कि नोएडा सेक्टर-65 निवासी देवदत्त शर्मा की तीन-चार मशीन फैक्ट्रियां हैं। देवदत्त के मुताबिक, उनके पड़ोसी के जरिए उन्हेें इस फाइनेंस कंपनी का पता चला।

उन्होंने 10 करोड़ रुपये लोन लेने के लिए कंपनी से संपर्क किया। लोन दिलाने के लिए उनसे 28 लाख रुपये ठग लिए गए। पैसा वापस न मिला तो कारोबारी ने एसपी क्राइम से शिकायत की।

देवदत्त का दावा है कि आरोपियों ने उनसे एसपी क्राइम के सामने समझौता कर रकम देने का वादा किया, लेकिन बाद में मुकर गए। इसके बाद डीआईजी मेरठ और कविनगर एसएचओ से शिकायत की। कविनगर पुलिस ने कार्रवाई की।

एजेंट ढूंढते थे ग्राहक, लड़कियां करती थीं कॉल

आरोपियों ने ग्राहकों को फंसाने के लिए एजेंट रखे थे। इन एजेंटों को ठगी की रकम में से 50 प्रतिशत हिस्सा दिया जाता था। इसके अलावा ऑफिस में कॉल सेंटर भी खोला गया था। इसमें युवतियां कार्यरत थीं।

बुजुर्ग महिला ने गिरवी रखा सोने का सिक्का
दिल्ली की एक बुजुर्ग महिला का द्वारका में फ्लैट है। उसने ग्रेटर नोएडा में भी एक फ्लैट लेने के  लिए बुकिंग की। महिला ने लोन के लिए दो लाख रुपये का सोने का सिक्का गिरवी रख टोकन मनी जुटाई।


महिला ने बताया कि द्वारका वाले फ्लैट पर बैंक से लोन लिया था। उस कर्ज को उतारने के लिए इस कंपनी से लोन लेना चाहती थी। बुजुर्ग महिला समेत पांच लोगों ने इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। हालांकि इनके शिकार लोगों की फेहरिस्त लंबी हो सकती है।

कर्ज उतारने को बनाया ठगी का प्लान
एजाज पर दिल्ली और नोएडा में आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह जेल भी जा चुका है। उसका दावा है कि मुकदमों की पैरवी में करीब 37 लाख रुपये का कर्ज हो गया।

कर्ज उतारने के लिए फर्जी लोन कंपनी खोली और शाहनवाज के साथ मिलकर ठगी शुरू कर दी। इससे पहले वे नोएडा में ठगी कर चुके थे। बार बार ठिकाना बदलते रहते थे।
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